लोकवाणी

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तीन नए कृषि अध्यादेश बड़े खिलाडियों के लिए हैं

-राकेश सांगवान किसान को अपनी फ़सल बेचने व स्टॉक की छूट! अब किसान अपना उत्पाद स्टॉक कर सकता है और किसी भी राज्य में जहाँ उसे बढ़िया भाव मिले वहाँ बेच सकता है. इस बात का बड़े ज़ोर शोर से…

उमर खालिद की गिरफ्तारी को ऐसे भी देखें

जे सुशील उमर खालिद की गिरफ्तारी को देखने के कई एंगल हो सकते हैं. ये देखने वाले पर निर्भर करता है कि वो इस पूरे मामले को कैसे देखता है. लेकिन पहले थोड़ा व्यापक संदर्भ समझ लेते हैं.पूरी दुनिया समेत…

झारखंड के स्वतंत्र पत्रकार आनंद दत्ता से पुलिस ने की मारपीट

रुपेश कुमार सिंह झारखंड के स्वतंत्र पत्रकार आनंद दत्ता, 12 सितंबर की शाम जब अपनी पत्नी के साथ रांची के एक सब्जी मार्केट में सब्जी खरीदने गये थे, तो झारखंड पुलिस ने उनको पीटा और उनके साथ बहुत ही बदतमीजी…

अग्निवेश : शांत हो जाना वैचारिक अग्नि की एक सम्मोहक लपट का

त्रिभुवन अग्निवेश एक अलग तरह के साधु और एक विलक्षण तरह कर सामाजिक नेता थे। उनके व्यक्तित्व में सम्मोहन और उनकी भाषा में एक ओज था। वे विवादास्पद भी थे। वे विवादों को निमंत्रित भी करते थे। लेकिन सच में…

किसान लामबंदी (1920 – 2020)

– राकेश सांगवान “ एक वह हैं जो अपनी ही सूरत को लेते हैं बिगाड़, एक वह है जिसे तस्वीर बनानी आती है ” आज देश में जगह जगह किसान सरकार की नीतियों से नाराज होकर सड़कों पर रोषप्रकट कर…

नाकेबंदी, गिरफ्तारी और लाठीचार्ज के बावजूद डटे रहे हरियाणा के किसान

अजीत सिंह हरियाणा में किसान रैली को रोकने के लिए जगह-जगह बंद किए रास्ते, रैली से पहले ही कई किसान नेताओं की गिरफ्तारी, लेकिन पीछे नहीं हटे किसान केंद्र के तीन कृषि अध्यादेशों के खिलाफ हरियाणा के पिपली (कुरुक्षेत्र) में…

कंगना रनौत निरंकुश मर्दानगी का वीभत्स रूप प्रस्तुत कर रही हैं

शुभा कंगना रनौत के सन्दर्भ में महिला होने की दुहाई हास्यास्पद है. वे निरंकुश मर्दानगी का वीभत्स रूप प्रस्तुत कर रही हैं. बम्बई को पाक अधिकृत कशमीर कहना अपने दफ्तर को राममन्दिर और उस पर बाबर के हमले जैसे रूपक…

क्या आपको पता है कि सरकार 26 सरकारी कंपनिया बेचने जा रही है और बेरोजगारी की तो आप पूछिए मत!

सरकार 26 सरकारी कंपनिया बेचने जा रही है. जल्द ही इनकी नीलामी की जाएगी. हाल ही में वित्त मंत्री ने 23 कंपनियों के निजीकरण की घोषणा की थी. नवभारत टाइम्स अखबार ने खबर छापी है जिसमें कहा गया है कि…

मीडिया आजाद है!

पुण्य प्रसून वाजपेयी न कोई मीडिया मुगल है, न ही मीडिया की अपनी कोई ताकत बची है। रेंगते लोकतंत्र के साथ मीडिया का रेंगना उसके वजूद को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है, जहां लोकतंत्र को घुटने के बल…

एक बार फिर 20 जुलाई को किसान क्यों करेंगे ट्रैक्टरों के साथ सरकार का घेराव

संदीप सिंगरोहा सरकार द्वारा किसान विरोधी तीन अध्यादेशों के खिलाफ हरियाणा-पंजाब के किसान 20 जुलाई को ट्रैक्टरों के साथ विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। ट्रैक्टर आन्दोलन में भाग लेने के लिए छोटे बड़े हर किसान से सहयोग की…