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बांग्लादेश के इन छात्रों को सरिये और डंडों से पीटा क्यों जा रहा है

बांग्लादेश में चल रहा छात्र आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है. 29 जुलाई से शुरू हुए आंदोलन के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं, जिसकी वजह से सैकड़ों छात्र घायल हुए. छात्र सड़कों पर उतरकर ड्राइवरों के लाइसेंस और गाड़ियों के कागज़ात चेक कर रहे हैं.

क्या है आंदोलन की वजह?

ढाका में 29 जुलाई को एक तेज़ रफ़्तार बस ने एक लड़के और लड़की को कुचल दिया था. इसके बाद ढाका की सड़कों पर हज़ारों छात्र उतर आए. ये छात्र देश की सड़क सुरक्षा, खस्ताहाल सड़कों और यातायात के नियमों को सख़्त किए जाने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. सड़कों को सुरक्षित बनाने की मांग कर रहे छात्रों का प्रदर्शन आठवें दिन भी जारी है. ये छात्र किसी पार्टी से जुड़े नहीं हैं. ज्यादातर प्रदर्शनकारी स्कूली छात्र हैं और उनकी उम्र 11 से 17 साल के बीच है. शुरुआत में आंदोलन ज़रूर शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन अब कई जगहों से हिंसक घटनाएं सामने आ रही हैं.

आंदोलनरत छात्र( फ़ोटो : रायटर्स)
आंदोलनरत छात्र (फ़ोटो: रायटर्स)

नहीं हो रहा मामला शांत

शुरुआत में सरकार छात्रों को हल्के में ले रही थी और उनकी मांगों को टाल रही थी. लेकिन छात्र ‘वी वांट जस्टिस’ के नारों के साथ सड़कों पर डटे रहे. छात्रों की हठधर्मी देखते हुए बांग्लादेश पुलिस ने 4 अगस्त को उन पर आंसूगैस और रबर की गोलियों का भी इस्तेमाल किया. इस जवाबी कार्रवाई में लगभग 100 लोगों के घायल होने की ख़बर आई. हालांकि, पुलिस कह रही है कि उसने किसी भी तरह की हिंसा छात्रों पर नहीं की है.

आंदोलन में हिंसक झड़पें होने के कारण बांग्लादेश सरकार ने 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाओं पर रोक लगा दी है. इस आंदोलन को लेकर बांग्लादेश सरकार के परिवहन मंत्री का विवादित बयान भी आया था. उनका कहना था कि प्रदर्शन कर रहे छात्र दिखावा कर रहे हैं. इस बयान के बाद हंगामा और बढ़ गया था. हंगामा बढ़ते देख उन्हें अपने बयान के लिए छात्रों से माफ़ी मांगनी पड़ी.

छात्रों पर हेलमेटधारियों ने कर दिया था हमला

5 अगस्त की सुबह ढाका में छात्र और कई सामाजिक कार्यकर्ता शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे. तभी हेलमेट पहने लोगों की एक भीड़ छात्रों पर डंडों, सरियों और अन्य हथियारों से हमला करने लगी. हमला इतना भयंकर था कि उसमें सैकड़ों छात्रों को चोटें आईं. रिपोर्ट्स के मुताबिक छात्रों पर हमला करने वाले हेलमेटधारी गुंडे बांग्लादेश छात्र लीग के सदस्य थे. बांग्लादेश छात्र लीग सरकार चलाने वाली आवामी लीग पार्टी का छात्र संगठन है, जो छात्रों के आंदोलन का विरोध कर रहा हैं. इतना ही नहीं, इन हेलमेटधारियों ने आंदोलन की कवरेज कर रहे कई पत्रकारों पर भी हमला किया.

बांग्लादेश पुलिस और बांग्लादेश छात्र लीग के छात्रों पर हमलों के कारण सत्ता में बैठी आवामी लीग की सरकार विपक्षी दलों के निशाने पर है. अब सरकार प्रदर्शन कर रहे छात्रों से आंदोलन वापस लेकर कक्षाओं में लौटने की अपील कर रही है.

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