लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Month: May 2019

7 केसों में आरोपी व सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले प्रताप षडंगी सादगी की मूरत कैसे हुए?

षंड़गी 2002 में अयोध्या मंदिर मांग को लेकर ओडिशा विधानसभा में घुसकर तोड़फोड़ मचाने के लिए 2002 में दंगा आरोपी के बतौर गिरफ्तार भी हुए थे. उन पर सात आपराधिक मामले हैं, जिनमें से दो 153A यानी मज़हबी/जातीय/भाषाई आधार पर विभाजन की कोशिश के हैं।

रुचि सोया-रामदेव डील: बाबा रामदेव का लाला रामदेव बनना और बैंकों को 14 हजार करोड़ से ज्यादा की चपत

सबसे पहले विदेशी बैंको का कर्ज चुका कर उन्हें बरी किया जाएगा. बाकी सरकारी बैंक तो बने ही लुटने के लिए हैं. आप और हम इसमें पैसे जमा करें और इनके बड़े उच्चाधिकारी भ्रष्ट सरकार से मिल कर उद्योगपतियों को अरबों खरबों दिलवाए और सरकार कहे कि देखा, देश में हमने कितना बड़ा आर्थिक सुधार किया.

एक फोटो के कारण स्मृति इरानी के चरणों में लोटना या स्त्रीवाद का सुनहरा अध्याय बताना कितना सही?

जब आप किसी पार्टी या विचारधारा से जुड़े हुए होते हैं तो उसके फलस्वरूप आने वाले परिणामों के भी आप कहीं न कहीं जिम्मेदार माने जाते हैं। दक्षिणपंथ की जिस हिंदूवादी धारा का भाजपा नेतृत्व करती है उस विचारधारा ने सती प्रथा के समर्थन में राजा राममोहन राय के ऊपर पत्थर फेंके हैं। उस विचारधारा ने स्त्री शिक्षा की पहली नायिका सावित्रीबाई फुले पर फब्तियां कसी हैं। जिसने महिलाओं को शिक्षा देने की बात करने वाले ईश्वरचन्द्र विधा सागर की मूर्तियां तोड़ी हैं।

पत्र-का₹ को पत्रकारिता के मूल्य और एथिक्स से मुक्त हो नियुक्ति “पत्र” और “का₹” पर चिंतन करना चाहिए!

संजय श्रमण हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आज श्री रामनाथ गोयंका को याद कीजिये, विराट पुरुषार्थ से उन्होंने “खिलाड़ी अक्षय” पुरस्कार प्राप्त किया था! महान पत्रका₹ खिलाड़ी जी को कौन नहीं जानता? आज ही के दिन पंडित शुक्ल ने “उदन्त मार्तंड”…

हरियाणा में गरीब नाबालिब का अपहरण कर दरिंदों ने किया 3 दिन तक किया सामूहिक बलात्कार

कुलदीप हरियाणा के गोहाना शहर की 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची स्नेहा का 22 अप्रैल 2019 को अपहरण कर 3 दिन तक सामूहिक बलात्कार किया गया। लेकिन आज तक लड़की को पुलिस बरामद नहीं कर पाई है। सोनिपत जिले के गोहाना…

कोई पूछे कि नरेंद्र मोदी की विशाल जीत की वजह सिर्फ एक शब्द में बतलाओ, तो जवाब होगा ‘मीडिया’!

गिरीश मालवीय 19वीं शताब्दी के एक फ्रेंच उपन्यासकार ने व्यवसाय बन चुकी पत्रकारिता के बारे में सही कहा था कि दरअसल ‘पत्रकारिता ‘मानसिक वेश्यालय’ में बदल गयी है, जिसमें समाचारपत्र मालिक ठेकेदार होते हैं और पत्रकार दलाल की भूमिका निभाते…

चौधरी चरण सिंह पुण्यतिथि विशेष: किसानों को सत्ता तक पहुंचाने वाले राजनीति के असली चौधरी

अभिषेक लाकड़ा/मनोहर सैनी चौधरी चरण सिंह का जन्म 1902 में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 1923 में विज्ञान से स्नातक की एवं 1925 में आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर…

जयंती विशेष: सावरकर को वीर कहना इस विशेषण के साथ अन्याय है

आज विनायक दामोदर सावरकर की जयंती है। संघ समर्थित सरकार और विचारधारा ग्रस्त लोग उन्हें लगातार वीर की उपाधि से नवाज़ते रहे हैं। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि उनके जीवन पर नज़र डाली जाए। यहां उनके जीवन पर…

राजनीति की दशा जैसी भी हो, पत्रकार और बुद्धिजीवी अपना मनोबल क्यों खोएँ?

ओम थानवी लोग पूछते हैं, राजग को प्रचंड जनादेश मिला है। आप अब भी आलोचक क्यों हैं? कोई बताए कि क्या जनादेश आलोचना का हक़ छीन लेता है? मेरा गिला राजनेताओं से उतना नहीं, पत्रकारों, बुद्धिजीवियों की अपनी ही बिरादरी…

राहुल गांधी जब तक महात्मा गांधी का बचाव कर पाने लायक नहीं बन जाते, तब तक कांग्रेस की वापसी संभव नहीं है

कृष्णकांत राहुल गांधी जब तक महात्मा गांधी जैसे महापुरुष का बचाव कर पाने लायक नहीं बन जाते, तब तक कांग्रेस की वापसी संभव नहीं है. एक आतंक की आरोपी गोडसे का नारा लगाकर, बापू का अपमान करके आपके एक पूर्व…