लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Month: July 2019

प्रेमचंद आज जीवित होते तो उनकी कलम शूली पर लटका दी जाती या तोड दी जाती!

प्रेमचंद आज जीवित होते तो उनकी कलम शूली पर लटका दी जाती या तोड दी जाती, क्योंकि उनका कहना था… “वास्तव में संस्कृति की पुकार केवल ढ़ोंग है, निरा पाखंड। और इसके जन्मदाता भी वही लोग हैं, जो साम्प्रदायिकता की…

बीबीसी की जातिवादी व्यवस्था को उखाड़कर रहेगें, मगर महिलाओं पर बिलो दी बेल्ट हमले सरासर गलत

ज्योति जाटव कई दिनों से बीबीसी हिंदी में महिला पत्रकार को निकाले जाने के खिलाफ सोशल मीडिया पर एक अभियान चल रहा है. सबसे पहले तो मैं इस अभियान का समर्थन करती हूं, क्योंकि बहुजन समाज को जब तक मीडिया…

प्रेमचंद जयंती विशेष: सवा शेर गेहूँ

प्रेमचंद की प्रासंगिकता हमारे समाज में तब तक है, जब तक किसान बदहाल हैं। जब तक मज़दूरों को उचित मजूरी नहीं मिलती। जब तक अंधविश्वास लोगों को नहीं छोड़ता। प्रेमचंद की कलम जनपक्षधर थी।–सत्यानंद प्रेमचंद किसी गाँव में शंकर नाम…

रेलवे का निजीकरण करने के लिए 3 लाख कर्मचारियों को समय से पहले रिटायर करने की तैयारी

रेलवे का निजीकरण करने के लिए सरकार ने अगला स्टेप ले लिया है. कल खबर आयी है कि रेलवे जल्द ही अपने तीन लाख कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाने वाला है. रेलवे ने अपने जोनल कार्यालयों को वैसे कर्मचारियों…

पुलवामा अटैक वाले दिन ही शूट हुआ था मैन वर्सेज वाइल्ड, बियर ग्रिल्स की ट्वीट्स से हुआ खुलासा

राहुल कोटियाल इस टाइम लाइन पर ग़ौर कीजिए: 26 जनवरी को बियर ग्रिल्स ट्वीट करते हैं, ‘भारत के लिए आज बड़ा दिन है. मैं जल्द ही वहाँ कुछ बेहद ख़ास शूट करने आ रहा हूँ.’ 12 फ़रवरी को बियर ग्रिल्स…

महान बॉक्सर मुहम्मद अली की ईसाई धर्म को छोड़कर मुस्लिम बनने की कहानी

नवमीत कैशियस क्ले अमेरिका का एक ब्लैक यानी काला लड़का था। अश्वेत शब्द मुझे सही नहीं लगता, क्योंकि इस शब्द की पहचान इस बात से है कि जो श्वेत नहीं वह अश्वेत। काला शब्द सही है। वो जिसकी त्वचा का…

अमेठी में पूर्व आर्मी कैप्टन की मॉब लिंचिंग, दुकान लुटने आई भीड़ ने पीट-पीटकर मारा

उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में भीड़ ने शनिवार रात सेवानिवृत्त सेना के कप्तान की उनके घर में घुसकर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. उन्होंने हमलावरों को उनकी पड़ोस की दुकान को लुटते हुए देखा था और ऐसा न करने…

भू-लुटेरों की पत्नियाँ क्या करें!

अव्यक्त संलग्न तस्वीरें उस दौर की हैं जब अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में पहुँचे गोरे वहाँ के आदिवासियों का अपनी मनमर्जी से ‘शिकार’ करते थे। लेकिन पहली तस्वीर में देखनेवाली बात है बग्घी से झाँकती गोरे की निष्ठुर पत्नी का चेहरा।…

नामवर सिंह जन्मदिन विशेष: उन्नीसवीं सदी का भारतीय पुनर्जागरण: यथार्थ या मिथक

आज आलोचक नामवर सिंह का जन्मदिन है। नामवर जी ने राजकोट विश्वविद्यालय के अँग्रेजी एवं तुलनात्मक अध्ययन विभाग में उन्नीसवीं शताब्दी के पुनर्जागरण पर एक व्याख्यान दिया था। यह व्याख्यान हिंदी में तो कहीं प्रकाशित नहीं हुआ, लेकिन अँग्रेजी में…

हे 62 कलाकारों, तुम्हारे कुकर्मों के लिए आने वाली पीढ़ियों को ज़िल्लत भरी ज़िंदगी बितानी न पड़ जाए

49 कलाकारों ने प्रधान मंत्री को पत्र लिखा कि देश में लगातार बढ़ रही ‘मॉब लिंचिंग’ की घटनाएँ रोकी जानी चाहिए, और इस माहौल पर चिंता जाहिर की कि ‘जय श्रीराम’ एक युद्धघोष बनता जा रहा है। इसपर 62 कलाकारों…