लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Month: January 2020

जिसके पास जितना अधिक अधर्म, जितना अधिक असत्य और जितना अधिक अंधकार, विजय भी उसी की!!!

त्रिभुवन भारत में एक समय था ज्ञानोदय का। रिनेसां का। पुनर्जागरण आंदोलन का। लोगों ने स्कूल-कॉलेज विश्वविद्यालय खुलवाए। शिक्षा के लिए जन जागरण किए। कहा गया : शिक्षा आएगी तो तमस हटेगा। उजाला फैलेगा। पूरा देश और समाज ज्योतिर्मय होगा।…

टीवी में जो दिखाया जा रहा है उसके इतर, जेनएयू पर हुए सरकारी हमले की इस क्रोनोलॉजी को पढ़िए

टीवी में जो दिखाया जा रहा है उसके इतर, जेनएयू पर हुए सरकारी हमले की इस क्रोनोलॉजी को पढ़ लीजिए… जेनएयू में असल में क्या हुआ है, ये सारी बातें आपको मोदी मीडिया नहीं बताएगा, क्योंकि जो एंकर आपके सामने…

हिंदू मां का मुस्लिम बेटा हरिद्वार से लौटा है..

हिंदू मां का मुस्लिम बेटा हरिद्वार से लौटा है। इमामुद्दीन का गंगा देवी से कोई रिश्ता नहीं था, लेकिन प्रेम रिश्ते का मोहताज नहीं होता। यह कहानी 33 साल पहले शुरू हुई थी। इमामुद्दीन और आयशा बानो मियां बीवी थे।…

एक नज़्म के ख़िलाफ़ जंग क्यों?

लेखक: अजय शर्मा हिंदुस्तान के हुकमरानों को तो छोड़ ही दें, ख़ुद पाकिस्तान में भी फ़ैज़ को लेकर कन्फ़्यूज़न रहा है. ‘हम देखेंगे’ पाकिस्तान के पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज़ मुशर्रफ़ की पसंदीदा नज़्म रही है. फ़ैज़ की कविताएं बेहद परतदार…

बिहार: किशोर की हत्या के मामले में छह गिरफ्तार, दो आरोपी हिंदू संगठनों से

बिहार पुलिस ने प्रदर्शनकारी आमिर हंजला की हत्या के आरोप में छह लोगों को पटना में गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें दो जने कट्टर हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी भी हैं। आमिर की हत्या 31 दिसंबर को हुई थी और…

देवीप्रसाद त्रिपाठी नहीं रहे: दोस्तों का दोस्त, लोकतंत्र का फ़िक्रमंद और तानाशाही का निंदक चला गया

देवीप्रसाद त्रिपाठी नहीं रहे। साहित्य और कला के नायाब प्रेमी और ख़ैरख़्वाह थे। एनसीपी के महासचिव थे और राज्यसभा सदस्य रहे। वे डीपीटी नाम से ज़्यादा जाने जाते थे। लम्बे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। पर जीवट ऐसा…

नए साल पर जलते-बंटते मुल्क में मीडिया-रुदन

पिछले ही हफ्ते ओलिंपिक खेलों में प्रवेश के लिए मुक्केबाज़ी का ट्रायल हुआ था. मशहूर मुक्केबाज़ मेरी कॉम ने निख़त ज़रीन नाम की युवा मुक्केबाज़ को हरा दिया. इस घटना से पहले और बाद में क्या-क्या हुआ, वह दूर की…