लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Atul Chaurasia

इतना मुश्किल क्यों है मुस्लिम फंडामेंटलिज़्म पर बात करना

मोहम्मद खान से इफ़्तार के दस्तरख्वान पर तफ़सील से बातचीत हुई. देवबंद के कुछ मौलानाओं ने एक फतवा जारी किया था. फतवे का सुर जैसा कि अमूमन होता है, स्त्रीविरोधी, मर्दवादी था. बातचीत लंबी चली तो आरिफ़ मोहम्मद खान के…

औसत, स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देने वाला विज्ञापन राजनीतिक विवादों को जन्म दे रहा है

स्टीरियोटाइप में बड़े और अदृश्य खतरे निहित होते हैं. सर्फ एक्सेल विज्ञापन विवाद के संदर्भ में यह लिखना बहुत जरूरी है. एक बच्चा जिसकी उम्र धर्म का ककहरा समझने के लिए बहुत कम है, उसे पजामा-कुर्ता और टोपी पहनाकर दिखाना…