लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Parmeet Kajal

जब कांशीराम ने कहा, ‘राजपाठ तो बैलेट से ही लेना है, पर तैयारी बुलेट की भी रखनी है’

छोटी-छोटी जातियों में टूटे, हाशिये पर रखे गये दलित, शोषित और पिछड़े समाज को एकजुट करके बहुजन समाज बनाकर, सत्ता पाने का मार्ग दिखाने वाले महानायक मान्यवर साहेब कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब के रोपड (अब रूपनगर)…

5 मार्च को दलित-पिछड़ों और आदिवासियों को आख़िर क्यों भारत बन्द करना पड़ा!

5 मार्च को सरकार की आदिवासी, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा विरोधी नीतियों के कारण देश भर में हुए भारत बंद ने कई सवाल खड़े किए जिनका जवाब सरकार को देते हुए नहीं बन रहा है। शांतिपूर्ण रूप से हुऐ इस…

पुलवामा हमले में चीन के छुपे हितों का खतरनाक इतिहास और सरकार का गड़बड़ गणित!

पाकिस्तान हमेशा से ही भारत पर आतंकवादी हमले करवाने की नीति पर जोर देता रहा है। कश्मीर में हुए बम धमाके में भी पाकिस्तान की घिनौनी हरकत का एक और उदाहरण सामने आया है। लेकिन इस घटना को ठीक से…

मायावती की मूर्तियाँ और मान्यवर कांशीराम की वसीयत बनाम मीडिया की नूरांकुश्ती

पिछले साढ़े चार सालों में गोदी मीडिया या एक अलग ही रूप देखने को मिला है। बढ़ती बेरोज़गारी, जोकि बीते चार दशकों में सबसे ज़्यादा है, उस शायद कोई ख़बर ही नहीं है। किसानों की समस्याओं एवं उनकी बढ़ती आत्महत्याओं…