लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Parmeet Kajal

मायावती की मूर्तियाँ और मान्यवर कांशीराम की वसीयत बनाम मीडिया की नूरांकुश्ती

पिछले साढ़े चार सालों में गोदी मीडिया या एक अलग ही रूप देखने को मिला है। बढ़ती बेरोज़गारी, जोकि बीते चार दशकों में सबसे ज़्यादा है, उस शायद कोई ख़बर ही नहीं है। किसानों की समस्याओं एवं उनकी बढ़ती आत्महत्याओं…