लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Rahul Kotiyal

ग्राउंड रिपोर्ट: कश्मीर एक ऐसी बोतल में तब्दील हो चुका है जिसके अंदर लावा खौल रहा है

बीती तीन रातों से बारामूला शहर में धमाकों और फ़ायरिंग की आवाज़ पूरा शहर सुन रहा था. लेकिन सुबह जब लोग एक-दूसरे से मिलते तो ‘हाँ मैंने भी सुना था धमाका’ से ज़्यादा उनके पास कोई जानकारी नहीं होती. सम्पर्क…

विलय के बाद भी कश्मीर भारत का क्यों न हो सका?

राहुल कोटियाल ‘मैं सोने जा रहा हूं. कल सुबह अगर तुम्हें श्रीनगर में भारतीय सैनिक विमानों की आवाज़ सुनाई न दे, तो मुझे नींद में ही गोली मार देना.’ यह बात आज से ठीक 70 साल पहले, 26 अक्टूबर 1947…

व्यंग्य: मोदी जी का चुनाव जीतना क्यों ज़रूरी है?

दोस्तों मोदी जी का दोबारा प्रधानमंत्री बनना बेहद ज़रूरी है. अगर ऐसा नहीं हुआ तो बीते पाँच सालों में उन्होंने जो मेहनत की है उस पर पूरी तरह पानी फिर जाएगा: जो पेट्रोल आज 36 रुपए लीटर मिल रहा है,…

पुलवामा आतंकी हमला: खुद को सरजन बरकाती बन जाने से बचाइए

सरजन बरकाती. ये नाम पहली बार तब सुना था जब मैं अनंतनाग में था. साउथ कश्मीर में युवाओं के बढ़ते रेडिकलाइजेशन पर लोगों से बात कर रहा था. इस बातचीत में एक नाम बार-बार सामने आ रहा था – ‘आज़ादी…

क्या हम इन शहादतों की क़ीमत समझ रहे हैं?

हमारे 40 जवान शहीद हुए हैं. उन्होंने ये शहादत इसलिए दी कि ये देश बचा रहे, इसकी एकता और अखंडता बची रहे. कोई भी जवान जब कश्मीर जैसी बारूदी घाटी पर तैनाती के लिए निकलता तो अपना कफ़न साथ लेकर…