लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Ravish Kumar

सीतारमण का नया भजन, ट्रिलियन ट्रिलियन ठन ठन

5 से तुकंबदी बिठानी थी। इसलिए वाक्य से 70 हटा दिया गया। 2014-19 के बीच चला कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ 2019 में बजट में कहा गया कि 55 साल में जो नहीं हुआ वो 5 साल में…

आटोमोबिल और टेक्सटाइल में रोज़गार पैदा क्यों नहीं कर पा रहा है भारत?

सात साल में पहली बार मारुति की बिक्री 22 प्रतिशत कम हो गई है। लगातार तीसरे महीने यह गिरावट हुई है। मारुति सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी है। मारुति के अलावा शीर्ष की कई कार कंपनियों की हालत ख़राब है।…

शिव का अनादर है प्रधानमंत्री का लाल कालीन पर चलकर उन तक जाना

रवीश कुमार सब कुछ ड्रामा जैसा लगता है। सारा ड्रामा इस यक़ीन पर आधारित है कि जनता मूर्ख है। उसे किसी बादशाह पर बनी फिल्म दिखाओ या ऐसा कुछ करो कि जनता को लगे कि वह किसी बादशाह को देख…

मसूद अज़हर से सियासी लाभ के लिए भारत ने चीन और पाक की शर्तें क्यों मानी

इंडियन एक्सप्रेस में शुभाजीत रॉय की एक ख़बर है। आप पाठकों को यह ख़बर पढ़नी चाहिए। इससे एक अलग पक्ष का पता चलता है और इस मामले में आपकी जानकारी समृद्ध होती है। इस रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया…

किसे ज़्यादा चंदा दे रहे हैं औद्योगिक घराने? टाटा का चंदा 25 करोड़ से बढ़कर 500 करोड़ हुआ

आज आपके सामने अलग-अलग समय पर छपे दो ख़बरों को एक साथ पेश करना चाहता हूं। एक ख़बर 7 दिन पहले की है जो इंडियन एक्सप्रेस में छपी थी और दूसरी ख़बर आज की है जो बिजनेस स्टैंडर्ड में छपी…

7 दिनों में 18 छात्रों की आत्महत्या, आज न कल आपको शिक्षा के सवाल पर आना ही होगा

7 दिनों में 18 छात्रों की आत्महत्या, आज न कल आपको शिक्षा के सवाल पर आना ही होगा जी नागेंद्र बिहार या यूपी का नहीं है। तेलंगाना का छात्र है। बोर्ड के इम्तहान में गणित में ही फेल हो गया।…

रवीश की रिपोर्ट: मोदी जी अपने बचपन का किस्सा छोड़िए, इनके बचपन की सोचिए

दो साल पहले जब मैंने प्राइवेट स्कूलों की लूट पर लगातार कई दिनों तक प्राइम टाइम किया था तब लोगों ने रास्ते में रोक कर कहा कि आप मोदी विरोध में ऐसा कर रहे हैं। मुझे समझ नहीं आया कि…

भाजपा-कांग्रेस हारती है न जीतती है, जीतता ज़िले का कुलीन/दंबग है

रवीश कुमार ने जो रेखांकित किया है, असली समस्या की जड़ ये सिस्टम है। यह राजनीतिक सिस्टम ही है जो आम आदमी का राजनीति से बहिष्कार करता है, लेकिन वह आम आदमी का भाग्य तय करता है। पढ़ें: भाजपा-कांग्रेस हारती…

रवीश की रिपोर्ट: बहादुरगढ़ में कचरे के बीच कालोनियां हैं या कालोनियों के बीच कचरा

बहादुरगढ़ का छोटू राम नगर- चुनावों में बदलाव के नाम पर ज़ुल्म जारी रहता है, ज़ुल्मी बदल जाते हैं। कचरों के बीच कालोनी है या कालोनी के बीच कचरे, हवा में दुर्गंध इतनी तेज़ है कि बग़ैर रूमाल के सांस…

कारपोरेट सेक्टर में घटी नौकरियां, निवेश और सैलरी, देश छोड़ कर भागे 36 बिजनेसमैन

कारपोरेट सेक्टर में घटी नौकरियां, निवेश और सैलरी, देश छोड़ कर भागे 36 बिजनेसमैन क्या आप जानते हैं कि हाल फिलहाल के वर्षों में भारत से 36 बिजनेसमैन भाग चुके हैं? क्या आप इन सभी के नाम जानते हैं? इनके…