लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Shyam Meera Singh

एक फोटो के कारण स्मृति इरानी के चरणों में लोटना या स्त्रीवाद का सुनहरा अध्याय बताना कितना सही?

जब आप किसी पार्टी या विचारधारा से जुड़े हुए होते हैं तो उसके फलस्वरूप आने वाले परिणामों के भी आप कहीं न कहीं जिम्मेदार माने जाते हैं। दक्षिणपंथ की जिस हिंदूवादी धारा का भाजपा नेतृत्व करती है उस विचारधारा ने सती प्रथा के समर्थन में राजा राममोहन राय के ऊपर पत्थर फेंके हैं। उस विचारधारा ने स्त्री शिक्षा की पहली नायिका सावित्रीबाई फुले पर फब्तियां कसी हैं। जिसने महिलाओं को शिक्षा देने की बात करने वाले ईश्वरचन्द्र विधा सागर की मूर्तियां तोड़ी हैं।

तेजबहादुर से डरकर मोदी ने अमित शाह से कहा, ‘रोको इस तेजबहादुर को, पूरा खेल बिगाड़ देगा!’

तेजबहादुर यादव के नामाकंन को रद्द करने के लिए जिन छुटमुट कारणों को गिनाया जा रहा है वह दिखाता है कि देश का लोकतंत्र अभी भी शैशव अवस्था में है, तेजबहादुर पर तो हमारी नजर गई है लेकिन बनारस में…

कन्हैया ने अखबारों में विज्ञापन देकर ऐसा क्या जुर्म कर दिया है जो सभी पानी पी-पीकर कोस रहे हैं?

बेगूसराय के स्थानीय अखबारों के मुख्य पेज पर आए कन्हैया कुमार के विज्ञापन पर खासा तंज किया जा रहा है जिसमें आलोचकों का मुख्य तर्क है कि क्या इस तरह कन्हैया कुमार पूंजीवाद से लड़ेंगे? लेकिन इस एक विज्ञापन के…

क्या नरेंद्र मोदी भी नेपोलियन की तरह जनता को युद्ध में झोंककर सत्ता में बने रहना चाहते हैं!

देश को युद्ध में डालकर अपने समर्थन में भीड़ जुटाना एक पुरानी रची और मंझी हुई टेक्निक है, नेपोलियन बोनापार्ट की आर्थिक नीतियां जब फेल होने लगीं तो उसकी लोकप्रियता में कमीं आने लगी, जनता का एक बड़ा हिस्सा नेपोलियन…