लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

राजनीति रिपोर्ट

बीजेपी ऑफिस घोटाला: हरियाणा में सौ करोड़ का राज्य कार्यालय बना रही बीजेपी, वह भी फ्री में!


*सर्वदमन सांगवान / रोहतक से

भारतीय जनता पार्टी और हरियाणा में उसकी सरकार किस तरह सत्ता का दुरूपयोग कर लोगों के गाढ़े खून पसीने की कमाई को दोनों हाथों से लूट रही है, इसके पुख्ता सबूत हाथ लगे हैं। सबूतों से साबित होता है कि ईमानदारी का ढ़ोल पीटने वाले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और उनके एक मंत्री तथा बीजेपी के कई बड़े नेता भी इस लूट में शामिल हैं।

सबूत मिले हैं कि रोहतक में देश का पहला रेलवे एलीलेटिड ट्रैक का ठेका देने के बदले में बीजेपी ने पूरे सौ करोड़ रूपये का फायदा लिया है। यह फायदा नकदी के रूप में न देकर बीजेपी को सौ करोड़ रूपये मूल्य का छह मंजिला आलीशान दफ्तर बना कर चुकता किया जाएगा। सारा मामला इतने शातिराना तरीके से अंजाम दिया गया है कि किसी को कानों कान इसकी भनक तक नहीं लग पाए, लेकिन इस प्रतिनिधि की जांच पड़ताल में हरियाणा बीजेपी और मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार पूरी तरह नंगी हो गई है।

रोहतक के सैक्टर 5 में राजीव गांधी खेल स्टेडियम के पास स्थित रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) के साथ लगभग एक एकड़ भूमि पर भारतीय जनता पार्टी का प्रांतीय कार्यालय बन रहा है। यह कार्यालय साढ़े छह मंजिल का होगा। इस कार्यालय को बनाने का ठेका विवाम (VIVAAM) कांट्रेक्ट इंडिया प्रा. लि. नामक नोएडा की एक निर्माण कंपनी को दिया गया है। इस कंपनी के प्रोजैक्ट मैनेजर आर के मेहता का कहना है कि इस इमारत का प्रोजैक्ट 100 करोड़ रूपये का है। मेहता के मुताबिक बीजेपी के नए कार्यालय का फ्रंट 62.5 मीटर का है जबकि इसकी लंबाई 68.5 मीटर है। दो मंजिलें अंडरग्राऊंड होंगी जबकि शेष मंजिलें ग्राऊंड फ्लोर से ऊपर रहेंगी। पूरी इमारत का कवर्ड एरिया एक एकड क्षेत्र का होगा, यह तो पक्का है, लेकिन ओपन एरिया कितना होगा, यह मुझे नहीं पता है।

जब यह प्रतिनिधि मौके पर पहुंचा और अपने सहयोगी फोटोग्राफर के सहयोग से जानकारियां जुटानी शुरू कीं तो पता चला कि इस इमारत के लिए सारा कंक्रीट, लोहा और सीमेंट भाजपा कार्यालय की इस साईट से कोई 400 मीटर दूर स्थित गावड कंस्ट्रक्शन कंपनी के मिक्सचर प्लांट और स्टोर से सप्लाई हो रहा है। गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी वह कंपनी है जो रोहतक में बन रहे देश के पहले रेलवे एलीवेटिड ट्रैक का निर्माण कर रही है। इस ट्रैक के निर्माण हेतू निविदा शर्तों के मुताबिक तमाम सीमेंट, लोहा और कंक्रीट की सप्लाई सरकार द्वारा की जाती है। सरकारी सप्लाई होने के कारण सीमेंट की बोरियों पर ‘बिक्री के लिए नहीं’ ( NOT FOR SALE) का ठप्पा लगा होता है। इसी तरह लोहा भी सरकार द्वारा अनुमोदित हाई क्लास कंपनी का ही होता है।

आप यह जानकर हैरान हो जाएंगे कि बीजेपी के निर्माणाधीन कार्यालय में मिली सीमेंट की बोरियां आश्चर्यजनक ढंग से ‘नॉट फॉर सेल’ की मिली और उसी कंपनी की मिली हैं जो कि गावड़ के गोदाम में सरकार द्वारा सप्लाई की गई हैं। आप समझ सकते हैं कि बीजेपी के कार्यालय का निर्माण कार्य एक निजी कार्य है और उसका सरकार से कोई मतलब नहीं, किंतु बीजेपी के निर्माण कार्य में सरकारी कोटे की सीमेंट पाए जाने का अर्थ क्या है? इसी तरह सरकारी कोटे के लोहे के ढ़ेर भी बीजेपी के निर्माणाधीन कार्यालय में देखने को मिले जो कि गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्टोर में पड़े स्टील के ढ़ेरों से मैच करते हैं। बीजेपी के निर्माणाधीन कार्यालय में सरकारी कोटे की सीमेंट और स्टील मिलने का अर्थ है कि सरकारी माल पर खुलेआम डाका डाला जा रहा है। हमने लगातार दो दिन तक गावड़ कंपनी के प्लांट से निकलने वाले ट्रकों और मिक्सचर वाहनों पर कड़ी नजर रखी और वीडियोग्राफी का सहारा लिया तो पता लगा कि कुछ वाहन माल भर कर बीजेपी के निर्माणाधीन कार्यालय में पहुंच कर खाली हो रहे हैं और वापिस गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी के स्टोर में पहुंच रहे हैं।

मजेदार तथ्य यह है कि कंक्रीट का मिक्सचर जिसे तकनीकी भाषा में आरसीएम कहा जाता है पूरी तरह गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी के प्लांट से तैयार होता है और बीजेपी कार्यालय में डंप होता है। जब इस प्रतिनिधि ने प्रोजैक्ट मैनेजर आरके मेहत्ता से सवाल किया कि आप लोग किस कंपनी से सीमेंट खरीदते हैं तो वे बोले कि मेरे पास तो सीमेंट, लोहे और कंक्रीट के सिर्फ बिल ही आते हैं। मैं उन्हें पास कर के भिजवा देता हूं। लेकिन जब उनसे पूछा कि हमें सीमेंट की बोरियां दिखा दीजिए तो वे आनाकानी करने लगे। बाद में वे बोले कि हम तो आरसीएम का माल यूज करते हैं। जब उनसे सवाल पूछा कि कौन सी कंपनी से आरसीएम खरीदते हैं तो वे हकबका गये। फिर बोले कि हम लोग अस्थल बोहर में लगे एक प्लांट से खरीदते हैं, लेकिन कंपनी का नाम वे फिर भी नहीं बता पाए। ( देखें वीडियो )

मौके पर सबूत मिले कि बीजेपी कार्यालय के निर्माण के लिए पिछले कई माह से सरकारी बिजली की चोरी की जा रही है। हालांकि मौके पर बीजेपी के नाम से एक मीटर भी खंभे पर टंगा हुआ मिला, जोकि महज बीस दिन पहले लगा है, जबकि बीजेपी कार्यालय का काम पिछले साल नंवबर से चल रहा है। मीटर में अभी तक महज 246 यूनिट ही खर्च हुई हैं जबकि काम के हिसाब से वहां रोजाना 246 यूनिट खर्च होनी चाहिए। इसका मतलब साफ है कि बिजली का मीटर महज दिखावे के लिए ही मौके पर लगवाया गया है, जबकि बिजली की खुली चोरी की जा रही है। मौके पर मिले प्रोजैक्ट मैनेजर ने पहले तो कहा कि हम बिजली का उपयोग नहीं करते। फिर किसी कर्मचारी से पूछ कर कहा कि हमने बिजली का कनैक्शन भी लिया हुआ है। जब उनसे कहा गया कि दिखाईये मीटर कहां लगा हुआ है तो उन्होंने किसी को फोन करके मीटर की लोकेशन पूछी। फिर इशारे से बताया कि आरओबी के पास गड़े खंभे पर मीटर लगा हुआ है। बिजली के खंभे से एक तार अंडर ग्राउंड गई हुई साफ दिखाई देती है जोकि बिजली चोरी की तरफ इशारा करती है। मीटर की रफ्तार देखकर लगता है कि मीटर को भी सैट कराया गया है, ताकि बिजली का बिल नाम मात्र का ही आये। जब प्रोजैक्ट मैनेजर को बताया गया कि मीटर में तो बस 246 यूनिट ही खर्च हुई हैं तो वह बोले कि हम जैनरेटर से काम करते हैं। हर बात का प्रोजैक्ट मैनेजर ने सीधा जवाब देने की बजाए घुमा फिरा कर उत्तर दिया। इसी तरह हुड्डा की पाइपलाइन से पानी का अवैध कनैक्शन भी जोड़ा गया है। मौके पर पानी को बेरहमी से इस्तेमाल किया जा रहा है।

हालांकि साइट पर मौजूद प्रोजैक्ट मैनेजर और अन्य कर्मचारियों ने इस प्रतिनिधि के आगमन का अपनी तरफ से पुरजोर विरोध किया और फोटो व वीडियो न बनाने की हिदायत भी दी, लेकिन हमारे फोटोग्राफर ने गुप्त कैमरे से उनकी सारी हरकतें और बातचीत रिकार्ड कर लीं।

गौरतलब है कि बीजेपी के नए कार्यालय का काम तो नवंबर के महीने में शुरू कर दिया गया था, लेकिन इसका भूमि पूजन 19 जनवरी 2019 को हुआ था। भूमि पूजन में बीजेपी के हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला और प्रांतीय संगठन मंत्री सुरेश भट्ठ (जो कि आरएसएस के प्रचारक भी हैं) के अलावा रोहतक के विधायक और राज्य के सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर शामिल हुए थे। इन तीनों के फोटो लगा भूमि पूजन कार्यक्रम का बैनर अभी भी साइट पर मौजूद है।

यह भी एक उल्लेखनीय तथ्य है कि सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने ही रोहतक गोहाना रेल लाइन पर पांच किलोमीटर लंबा रेलवे एलीवेटिड ट्रैक के निर्माण का बीड़ा उठाया था। कांग्रेस शासन के समय इस रेलवे ट्रैक को यहां से उठा कर गांव बहु अकबर पुर के पास एक नया रेलवे गलियारा बनाकर शिफ्ट करने की योजना बनाई गई थी। मौजूदा जगह से रेलवे ट्रैक उठाने से इस जमीन पर चौड़ी सड़क बनाने की बात कही गई थी। इससे इस सड़क के दोनों और बसे सैंकड़ों लोगों को शानदार दुकानें और मार्किट बनने की आस थी। साथ ही शहर का काफी ट्रैफिक इस सड़क पर शिफ्ट होने से नगर की सड़कों पर भीड़भाड़ कम होने की उम्मीद भी थी। लेकिन सत्ता बदलने के बाद सहकारिता मंत्री मनीष ग्रोवर ने रेलवे ट्रैक को शिफ्ट करने की बजाए यहां पर एलीवेटिड रेलवे ट्रैक बनाने की योजना पर विशेष जोर देना शुरू कर दिया। लोगों के भारी विरोध के बावजूद भी मनीष ग्रोवर यहां पर एलीवेटिड रेलवे ट्रैक बनाने की जिद पकड़े रहे। इसका नतीजा यह हुआ ट्रैक के दोनों और बसे सैंकड़ों गरीब लोग बुरी तरह उजड़ गये और उनका रोजगार का बढ़िया मौका मिलने का सपना टूट कर चूर चूर हो गया।

इस ट्रैक का ठेका मनीष ग्रोवर ने मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से कह कर गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिला दिया जिसके मालिकों से मनीष ग्रोवर के प्रगाढ़ संबंध जगजाहिर हैं। इसके बदले में अंदरखाते यह समझौता हुआ है कि गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी बीजेपी को फ्री में सौ करोड़ी प्रोजैक्ट वाला बीजेपी का आलीशान दफ्तर बना कर देगी।

हालांकि दिखाने के लिए फ्रंट पर नोएडा की विवाम कंस्ट्रक्शन कंपनी को रखा गया है ताकि गावड़ कंस्ट्रक्शन कंपनी के साथ हुई सौदेबाजी को कवर मिल सके। विवाम कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिकान के साथ बीजेपी नेताओं के अंतरंग संबंधों का भी खुलासा हुआ है। सारे मामले को इस तरह समझा जा सकता है कि असल में गावड कंस्ट्रक्शन कंपनी ही बीजेपी का दफ्तर बना रही है और विवाम कंस्ट्रक्शन कंपनी सिर्फ मुखौटे के तोर पर काम कर रही है। यदि सारे मामले की गहराई से तहकीकात की जाएगी तो बीजेपी के नेता कभी यह साबित नहीं कर पाएंगे कि आलीशान दफ्तर बनाने के लिए उनके पास सौ करोड़ रूपये की मोटी राशि एकाएक कहां से आई? यह राशि किस खाते में रखी गई और कब-कब तथा किसे-किसे कितना-कितना भुगतान किया गया? और भी बहुत सारे ऐसे सवाल हैं जिनका बीजेपी नेता कभी जवाब नहीं दे पाएंगे।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि रेलवे एलीवेटिड ट्रैक का माल चोरी छिपे बीजेपी कार्यालय को सप्लाई किए जाने से साफ है कि एलीवेटिड ट्रैक पर पूरा माल नहीं लगाया जा रहा और ट्रैक की क्वालिटी को गिराया जा रहा है। स्पष्ट है कि देशभक्ति और राष्ट्रवाद के गीत गाने वाली पार्टी की सरकार हजारों लोगों की जिंदगियों से धोखा व खिलवाड़ कर रही है। कल को यह ट्रैक गुणवत्ता में कमी की वजह से यदि बैठ गया तो न जाने कितने लोगों की जिंदगिया खतरे में पड़ जाएंगी।

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *