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कानून हमारे ठेंगे पर: अपने बल्लेबाज आकाश के समर्थन में उतरी बीजपी, शहरभर में लगाए पोस्टर

  राकेश अचल

हम जिस देश में क़ानून का इकबाल होने का सपना देखते हैं वो सपना इस सदी के नेताओं के रहते तो पूरा नहीं होने वाला. इंदौर में नगर निगम कर्मियों से मारपीट के मामले में गिरफ्तार भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय के समर्थन में भाजपा ने जो पोस्टर लगाए हैं, वे इस बात का ताजा प्रमाण हैं. भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव श्री कैलाश विजयवर्गीय के विधायक पुत्र की गिरफ्तारी का मामला अदालत में विचाराधीन है, ऐसे में इस तरह के पोस्टरों का लगना अदालत की मानहानि के साथ ही क़ानून के राज को भी ठेंगा दिखाने जैसा है.

भाजपा विधायक श्री आकाश विजयवर्गीय का मामला देश के अखबारों की सुर्खी बना, लेकिन भाजपा ने इस मामले में कोई अफ़सोस नहीं जताया. मुमकिन है की भाजपा को अपने विधायक के कृत्य पर सचमुच में कोई अफ़सोस हो ही न, लेकिन भाजपा आकाश के समर्थन में पोस्टर लगाए जाने को तो रोक सकती थी. लेकिन ऐसा नहीं किया गया बल्कि इसके विपरीत आकाश के कृत्य को महिमामंडित करने का अभियान शुरू कर दिया गया है.

कहने के लिए हमारे देश में कानून सबके लिए बराबर हैं और क़ानून के हाथ लम्बे भी हैं. किन्तु आकाश के समर्थकों की हरकतों को देखकर नहीं लगता की आकाश और उनकी पार्टी क़ानून या अदालत का मान-सम्मान करती है. सार्वजनिक जीवन में नेताओं के खिलाफ झूठे आपराधिक मुकदमें कायम होते हैं लेकिन जब सच्चे मुकदमे कायम हों और उनकी भी मुखालफत सार्वजनिक रूप से की जाये तो देश और प्रदेश में क़ानून के राज की कल्पना करना बेकार है. आकाश अभी सिर्फ आरोपी हैं. उनकी जमानत का फैसला अभी विचाराधीन है. ऐसे में उनके पक्ष में राजनीतिक स्तर पर महिमामंडन के प्रयास निंदनीय हैं.

जनता के लिए संघर्ष करना एक अलग बात है. लेकिन जनता के संघर्ष के नाम पर क़ानून को हाथ में लेना अपराध है. ये अपराध कोई अनपढ़ नेता करे तो भी समझ में आता है. किन्तु जब आकाश जैसा पढ़ा-लिखा और कथित रूप से संस्कारवान विधायक क़ानून को अपने हाथ में लेता है तो उसका समर्थन करने के बजाय उसकी निंदा की जाना चाहिए. लेकिन दुर्भाग्य की ऐसा नहीं हो रहा. राजनितिक दल के लोग नहीं चाहते की पुलिस और क़ानून का इकबाल किसी भी तरह बुलंद हो. राजनीति आज भी थाना-कचहरी को अपने इशारे पर नचाना चाहती है. क्योंकि इस देश में इसकी गलत परम्परा बनी हुई है.

हैरानी की बात है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहरभर में आकाश विजयवर्गीय के पोस्टर्स लगाए हैं, जिनमें ‘सैल्यूट आकाश जी’ लिखा हुआ है. इतना ही नहीं भाजपा इंदौर के राजवाड़ा में बड़ा मंच तैयार कर रही है. सैकड़ों की संख्या में ये पोस्टर्स लगाए जा रहे हैं.

बताया जा रहा है कि भाजपा यहां बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में है. आपको याद दिला दें कि विजयवर्गीय और 10 अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय दंड विधान की धारा 353 (लोक सेवक को भयभीत कर उसे उसके कर्तव्य के निर्वहन से रोकने के लिये उस पर हमला), 294 (गाली-गलौज), 323 (मारपीट), 506 (धमकाना), 147 (बलवा) और 148 (घातक हथियारों से लैस होकर बलवा) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई.

इस मामले में बेहतर हो कि भाजपा क़ानून का सम्मान करते हुए अपने कार्यकर्ताओं को एक विचाराधीन विधायक के समर्थन में गैरकानूनी हरकतें रोके. अगर भाजपा ऐसा नहीं करती तो पुलिस और अदालत को भी इस दुःसाहस को संज्ञान में लेना चाहिए. यदि इस मुहिम को न रोका गया तो एक गलत परम्परा शुरू हो जाएगी. आकाश विजयवर्गीय के लिए अभी सुप्रीम कोर्ट तक जाने के विकल्प हैं. ऐसे में उन्हें या उनके समर्थकों को संयम बरतना चाहिए. इस तरह के अभियान अदालत की कार्रवाही को प्रभावित करने के हथकंडे माने जाते हैं किन्तु हमें उम्मीद है कि हमारी न्यायप्रणाली ऐसे किसी दबाब को बर्दाश्त नहीं करेगी और न ही ऐसी किसी कार्रवाई से प्रभावित होगी. कम से कम इसी तरह के मामले में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद पटेल और उनके समर्थकों ने ऐसा कोई नाटक अभी तक नहीं किया. 

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