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रिपोर्ट

महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से प्रभावित किसान ने खेत में बोर्ड लगाया मेरे परिवार को खरीदें

बेमौसम बारिश से खराब हुई फसलों का मुआवजा नहीं मिलने से नाराज महाराष्ट्र के वाशिम जिले के कोलगाँव के एक किसान ने अपने खेत में बोर्ड लगाकर राज्य के मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि राज्य सरकार या तो खराब हुई फसलों का मुआवजा दे, अन्यथा मेरे परिवार को खरीदें।

30 वर्षीय किसान विजय शेंडगे ने कहा कि राज्यपाल ने प्रति हेक्टेयर 8,000 रुपये की वित्तीय मदद दी थी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं थी। उन्होंने कहा कि किसानों की सभी फसलें बारिश के कारण नष्ट हो गईं। राज्यपाल ने प्रति हेक्टेयर 8,000 रुपये की वित्तीय मदद दी, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। सत्ता में आने से पहले उद्धव ठाकरे ने कहा था कि वे प्रति हेक्टेयर 25,000 रुपये की आर्थिक सहायता देंगे। उन्होंने कहा कि लगता है कि सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अपने वादे को भूल गए हैं।

बेमौसम बारिश और बाढ़ से खरीफ फसलों को हुआ था भारी नुकसान

मालेगांव के तहसीलदार रवि काले ने कहा कि कृषि प्रधान देश के लिए यह घटना एक दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं संबंधित विभाग से बात करूंगा। चालू खरीफ में महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और बाढ़ तथा सूखे से खरीफ की फसलों कपास, मक्का, बजारा और गन्ने के साथ ही बागवानी फसलों प्याज, अंगूर और संतरे को भारी नुकसान हुआ है जिस कारण राज्य के किसानों को भारी आर्थिक नुकसाना उठाना पड़ रहा है।

सरकार ने किसानों के दो लाख तक के फसली ऋण माफ किए हैं

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उधव ठाकरे ने हाल ही में राज्य के किसानों को बड़ी राहत देते हुए दो लाख रुपये तक का कर्ज माफ करने की घोषणा की थी। राज्य के जिन किसानों ने 30 सितंबर, 2019 तक फसल ऋण लिया है, उनको इस ऋण माफी का लाभ मिलेगा। ऋण का पैसा सीधे बैंकों में जमा किया जाएगा। यह योजना मार्च से लागू होगी। चुनाव में किसानों की कर्जमाफी एक बड़ा मुद्दा था। सामना के जरिए भी शिवसेना ने किसानों की कर्जमाफी और मुआवजा देने की लगातार वकालत की थी। सामना की इन खबरों को ही भाजपा ने मुद्दा बनाकर विधानसभा में उसे घेरा था।

साभार: आउटलुक एग्रीकल्चर

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