लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

समालोचना

नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनवाने के लिए मोदीभक्त बन फर्जी खबर छाप रहा दैनिक जागरण!

2014 में रुपये की क्या धमक थी। डॉलर को धमकियाँ मिल रही थीं। साधु संत तक ट्विट करने लगे थे कि मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो एक डॉलर चालीस रुपये का हो जाएगा। एंटायर पोलिटिकल साइंस वाले नरेंद्र मोदी तक रुपये…

पड़ताल: पुलवामा में हमला करने वाले आंतकी के साथ राहुल गांधी की तस्वीर झूठी है

पुलवामा आतंकी हमले ने सभी को दहला दिया है. इस समय विपक्ष और सरकार आतंकवाद के खिलाफ एक साथ खड़े दिख रहे हैं. लेकिन कई ओछे लोग इस मामले को अपनी घटिया मानसिकता का परिचय दे विपक्ष को बदनाम करने…

चैनल देखना बंद कर दें, ये चुनाव के नाम पर फटे ढोल पीट रहे हैं

मैं एक सामान्य दर्शक की तरह नहीं सोच पाता हूं। नहीं समझ पाता कि एक दर्शक का सामान्य होना क्या होता है। क्यों वह सतही और घटिया कंटेंट देखता है? क्या टीवी ने आपको इतना सामान्य बना दिया है कि…

“चित भी अपनी, पट भी अपनी … और अंटा ‘आज तक’ का…”

OddNari ने ममता बनर्जी की जवानी की फोटो शेयर करके घटिया कमेंट करने वालों को लताड़ा है, एक तरीके से शानदार काम ही किया है. लेकिन ऑड नारी की अपनी मार्केट है उसके पैरेंट “आज तक” की अपनी मार्केट है. आज तक हॉट…

पुस्तकालयों में लाइब्रेरियन की जगह ढोलक बजाने वालों को क्यों नियुक्त करना चाहिए ..

Shyam Meera Singh पुस्तकालय आदमी बनाने की मशीने होते हैं. जहाँ इक्कीसवीं सदी का एक आम आदमी भी सभ्यता के शुरूआती दौर के लेखकों, स्मृतिकारों और उपन्यासकारों से किताबों में छपे उनके शब्दों के माध्यम से बातें कर सकता है…