लोकवाणी

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कला एवं साहित्य

प्रेस क्लब का दारोगा

चंद्र प्रकाश झा हिन्दुस्तान के किसी सूबे की राजधानी में कभी किसी राष्ट्रीय समाचार संस्थान के एक ब्यूरो प्रमुख थे. सब उन्हें ठाकुर साहिब कहते थे. वह उस संस्थान के किसी जिले के अंशकालिक संवाददाता के काम से उसके राज्य…

शमशेर बहादुर सिंह: सरकारें पलटती हैं जहाँ हम दर्द से करवट बदलते हैं !

आज हिंदी के इस अनूठे कवि शमशेर बहादुर की बरसी है। नामवर सिंह ने उन्हें ‘सुंदरता का कवि’ और मलयज ने ‘मूड्स के कवि’ कहा था। लेकिन वे इन सबसे बहुत अधिक थे। शमशेर बहादुर सिंह 13 जनवरी 1911 -12…

यात्रा वृतांत: मैं जिसे पागल शराबी समझ रही थी, वह गहरे दुःख में डूबा हुआ पिता और प्रेमी था

Savita G Jakhar ये महज़ फोटो नहीं है…. एक सबक़ है, जो एक अजनबी से मुझे मिला, जो मुझे बार-बार याद दिलाता है की किसी को कऱीब से जाने बिना जज़ करना बेवकूफ़ी ही नहीं सामने वाले के साथ नाइंसाफ़ी…

नहीं रहे कवि, गद्यकार, चित्रकार कॉमरेड हरिपाल त्यागी, वे हमेशा याद आते रहेंगे!

कात्यायनी 1 मई यानी मज़दूर दिवस के दिन हमलोगों के पुराने दोस्त, चित्रकार-कवि कामरेड हरिपाल त्यागी ने हमलोगों से हमेशा के लिए विदा ले ली। हरिपाल त्यागी से मेरा करीब तीस वर्षों का परिचय था और २५ वर्षों से तो…

रोहतक से भाजपा के उम्मीदवार अरविंद शर्मा तिकड़मबाजी में दूसरे भजनलाल हैं!

डॉ सतीश त्यागी डॉ अरविन्द शर्मा ने रोहतक से भाजपा का टिकट हासिल कर यह तो साबित कर दिया कि वे तिकड़म के मामले में भजनलाल से कम नहीं हैं. चलिए उनके राजनीतिक जीवन के विषय में जान लें. यह…

जन्मदिन विशेष: मजदूरों के सफ़दर हाशमी, वो बंजारों सा जी न सके

सफ़दर हाशमी पढ़ना लिखना सीखो: पूछो, मजदूरी की खातिर लोग भटकते क्यों हैं।पढ़ो, तुम्हारी सूखी रोटी गिद्ध लपकते क्यों हैं।पूछो, मां-बहनों पर यों बदमाश झपटते क्यों हैं।पढ़ो, तुम्हारी मेहनत का फल सेठ गटकते क्यों हैं। पढ़ो, लिखा है दीवारों पर…

मुसलमान बता कर गाय खरीद लीजिये, अगले दिन अखबारों में आपकी मौत की खबर छप जाएगी

लोकसभा चुनाव के दौरान असम में एक 68 साल के मुस्लिम बुजुर्ग शौकत अली के साथ भीड़ ने मारपीट की। गोमांस बेचने के शक में लोगों की भीड़ ने हमला किया, बुरी तरह पीटा और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर…

जन्मदिन विशेष: तुम्हारे धर्म की क्षय – राहुल सांकृत्यायन

”चरथ भिक्‍खवे!” ”भिक्षुओ!घुमक्कड़ी करो।” -बुद्ध आधुनिक भारत के महान घुमक्कड, दार्शनिक और लेखक #राहुल_सांकृत्यायन का आज जन्मदिन है। वे अद्भुत और ठेठ देशी घुमक्कड थे जो बुद्ध की इस सलाह के मुताबिक़ जीवन भर घूमते, नई भाषाएँ सीखते और खूब…

जन्मदिन विशेष: मौन की कोई आवाज होती होगी तो वह निर्मल वर्मा जैसी होती होगी

राघवेन्द्र शुक्ला अतीत की स्मृतियां बहुत महत्वपूर्ण लगने लगती हैं, जब हम निर्मल वर्मा को पढ़ते हैं। लगता है कि एकांत और असामाजिकता भी सृजन की बेहतरीन जमीन हो सकती है। निर्मल वर्मा के उपन्यास और अनेक कहानियां पढ़ने के…

‘केसरी’ का कोहराम, सिख इतिहास का कत्ल और अक्षय कुमार का देशभक्त बनना!

उर्दू की मशहूर शायर परवीन शाक़िर का एक बहुत सुंदर शेर है : अपने क़ातिल की ज़ेहानत से परेशान हूँ मैं, रोज़ इक मौत नए तर्ज़ की ईजाद करे। कुछ ऐसा ही आजकल इस कालखंड में चल रहा है। अभी…