लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

समालोचना

बिकाऊ पत्रकारिता के रिंग मास्टर अमित शाह गोदी मीडिया को अब क्यों हंटर मार रहे हैं?

इमरजेंसी के दिनों के बारे में आडवाणी ने कभी अखबारों के विषय में कहा था कि ‘उन्होंने झुकने का कहा तो आपने रेंगना शुरू कर दिया है.’ लेकिन 2019 में आज जिस तरह की अघोषित इमरजेंसी है, उसमें मीडिया के…

प्रिय रवीश, राहुल गांधी से रवीश के अंदाज़ में बातचीत नहीं हो पाई!

अजय कुमार हिंदी टीवी की दुनिया में रवीश मेरे प्रिय एंकर हैं। इसकी बड़ी वजह यह है कि जिस तरह के मुद्दे वह उठाते हैं। वह आम जन से जुड़े हुए होते हैं। जिस तरह से वह अपनी बात रखते…

कन्हैया ने अखबारों में विज्ञापन देकर ऐसा क्या जुर्म कर दिया है जो सभी पानी पी-पीकर कोस रहे हैं?

बेगूसराय के स्थानीय अखबारों के मुख्य पेज पर आए कन्हैया कुमार के विज्ञापन पर खासा तंज किया जा रहा है जिसमें आलोचकों का मुख्य तर्क है कि क्या इस तरह कन्हैया कुमार पूंजीवाद से लड़ेंगे? लेकिन इस एक विज्ञापन के…

यौन उत्पीड़न पर चर्चा, लेकिन महिला पैनलिस्ट बुलाना भूल गए ऐंकर!

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। इस मामले में मुख्य न्यायधीश छुट्टी वाले दिन अपने ऊपर लगे यौन शोषण के आरोपों के लिए बेंच गठित करते हैं और खुद भी इस बेंच…

पांच सालों में मोदी की मीडिया मैनेजमेंट और मीडिया का मोदी के आगे डांस!

इन पाँच सालो मे मीडिया का इस्तेमाल जिस तरह से ‘एजेंडा सेटिंग्स’ के लिए किया गया वह अभूतपूर्व है, इस थ्योरी को अमेरिकी राजनीतिक वैज्ञानिक मैक्सवेल मैकॉम्ब और डोनाल्ड शॉ ने पेश किया था. 1922 में पहली बार वाल्टर लिप्पमेन…

शीला तो राजनीति में दीक्षित हैं, लेकिन पत्रकारिता में दीक्षित क्यों कांग्रेस की शीला होने को आतुर हैं?

 इस समय कांग्रेस की नेता शीला दीक्षित कुछ ऐसे पत्रकारों के निशाने पर आ चुकी हैं, जो भाजपा-आरएसएस या नरेंद्र मोदी विरोधी हैं। वजह है उनका एक इंटरव्यू, जिसमें उन्होंने कह दिया, “मनमोहन सिंह… शायद मोदी जैसे मज़बूत और दृढ़…

देश की राजनीति पर रणबीर कपूर का घटिया बयान उन्हें कॉरपोरेट का एजेंट साबित करता है

हेमन्त कुमार झा राजनीति के संबंध में रणबीर कपूर के हालिया बयान में आप उन युवाओं में बढ़ती वैचारिक दरिद्रता को महसूस कर सकते हैं जो अपने करियर में सफल हैं लेकिन उनकी आत्मनिष्ठता ने उन्हें जनविरोधी होने की हद…

चुनाव तक ढाई महीने के लिए न्यूज़ चैनल देखना बंद कर दीजिए

अगर आप अपनी नागरिकता को बचाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप लोकतंत्र में एक ज़िम्मेदार नागरिक के रूप में भूमिका निभाना चाहते हैं तो न्यूज़ चैनलों को देखना बंद कर दें। अगर आप…

न्यूज़ चैनल पर वीडियो गेम्स की वीडियो चलाकर एंकर ऐसे झूठ बोल रहे थे जैसे वही जहाज लेकर गए हों

वायु सेना, सरकार के पराक्रम के बीच पत्रकारिता का पतन झाँक रहा है। कल का दिन उस शब्द का था, जो भारतीय वायु सेना के पाकिस्तान में घुसकर बम गिराने के बाद अस्तित्व में आया है। भारत के विदेश सचिव…

मुंह से तोप और लड़ाकू विमानों की आवाज़ निकालने वाले एंकरों पहले पूरी सच्चाई तो बाहर आने दो

अगर आप भारतीय वायु सेना विमानों द्वारा बम बरसाने वाला वीडियो ध्यान से देखेंगे तो शायद आप कुछ समझ सके…… टार्गेट पर निशाना लगाने में टाइम लगता है, ऐसा लगता था जैसे पेलोड खाली कर रहे हों, लगातार बम पे…