लोकवाणी

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इतिहास

भारत छोड़ो आंदोलन में आरएसएस के डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी की भूमिका

गोपाल राठी कश्मीर के संदर्भ में आज डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी को बार बार याद किया जा रहा है। क्योंकि धारा 370 खत्म करने की मांग के लिए किये गए आंदोलन के दौरान कश्मीर में उनकी मृत्यु हो गई थी। श्यामा…

कश्मीर में विनोबा

अव्यक्त 22 मई, 1959 को विनोबा के पैर कश्मीर की धरती को अपने पदचापों से तरंगित कर रहे थे। कश्मीर में विनोबा की पदयात्रा लगातार चार महीनों तक चली थी। कश्मीर में प्रवेश करने से पहले उन्होंने कहा था- “मैं…

विलय के बाद भी कश्मीर भारत का क्यों न हो सका?

राहुल कोटियाल ‘मैं सोने जा रहा हूं. कल सुबह अगर तुम्हें श्रीनगर में भारतीय सैनिक विमानों की आवाज़ सुनाई न दे, तो मुझे नींद में ही गोली मार देना.’ यह बात आज से ठीक 70 साल पहले, 26 अक्टूबर 1947…

महान बॉक्सर मुहम्मद अली की ईसाई धर्म को छोड़कर मुस्लिम बनने की कहानी

नवमीत कैशियस क्ले अमेरिका का एक ब्लैक यानी काला लड़का था। अश्वेत शब्द मुझे सही नहीं लगता, क्योंकि इस शब्द की पहचान इस बात से है कि जो श्वेत नहीं वह अश्वेत। काला शब्द सही है। वो जिसकी त्वचा का…

क्या महात्मा गांधी ने भगत सिंह को बचाने के कोई प्रयास नहीं किये?

नितिन ठाकुर “गांधी पर भगत सिंह को ना बचाने के आरोप पर इतिहासकार सुधीरचंद्र साफ़ कहते हैं कि…. गांधी ने लॉर्ड इरविन से तीनों क्रांतिकारियों की फांसी माफ़ करने के लिए अनुरोध किया था, मगर वो नाकाम रहे. अंग्रेज़ों ने…

भीड़ हिंसा एक राष्ट्रीय बीमारी का लक्षण: महात्मा गांधी

अव्यक्त तबरेज़ को पीट-पीटकर मारनेवाली भीड़वादी मानसिकता पर मन-ही-मन क्रूरतापूर्वक मुस्कुरा रहे लोग खुद अपने लिए भी ऐसी ही मौत चुन रहे हैं। वे अपने मासूम बच्चे-बच्चियों के लिए भी ऐसी ही मौत चुन रहे हैं। क्योंकि एक बार जब…

जन्मदिन विशेष: चे ग्वेरा की भारत यात्रा, कुछ ऐसा दिखा था चे ग्वेरा को भारत

नितिन ठाकुर बेतरतीब दाढ़ी, सितारे लगी टोपी, मुंह में सिगार और पांव में ऊंचे जूते.. ये आदमी कई पीढ़ियों के ज़हन में है। भले नाम तुरंत याद ना आए तो भी कोई नहीं कह सकता कि मैंने इस आदमी को…

चौधरी चरण सिंह पुण्यतिथि विशेष: किसानों को सत्ता तक पहुंचाने वाले राजनीति के असली चौधरी

अभिषेक लाकड़ा/मनोहर सैनी चौधरी चरण सिंह का जन्म 1902 में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर में एक मध्यम वर्गीय किसान परिवार में हुआ था। उन्होंने 1923 में विज्ञान से स्नातक की एवं 1925 में आगरा विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर…

जयंती विशेष: सावरकर को वीर कहना इस विशेषण के साथ अन्याय है

आज विनायक दामोदर सावरकर की जयंती है। संघ समर्थित सरकार और विचारधारा ग्रस्त लोग उन्हें लगातार वीर की उपाधि से नवाज़ते रहे हैं। ऐसे में जरूरी हो जाता है कि उनके जीवन पर नज़र डाली जाए। यहां उनके जीवन पर…

नेहरू को सलीब पर टांग दिया गया है और गिद्ध उनका मांस नोच रहे हैं, फिर भी नेहरू कभी मरेंगे नहीं

पीयूष बबेले नेहरू की कथा कहता हूं जब जब नेहरू का जिक्र आता है तो मुझे यूनान के एक पुराने देवता प्रोमीथियस, जिसे हिंदी में प्रमथ्यु भी कहते हैं, की कथा याद आती है. प्रोमीथियस स्वर्ग से धरती को देखता…