लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

राजनीति

सबकुछ काफी ठीक है बस अर्थव्यवस्था में नौकरी, सैलरी और सरकार के पास पैसे नहीं हैं

रवीश कुमार जून में निर्यात का आंकड़ा 41 महीनों में सबसे कम रहा है। आयात भी 9 प्रतिशत कम हो गया है। जो कि 34 महीने में सबसे कम है। सरकार मानती है कि दुनिया भर में व्यापारिक टकरावों के…

लोकतन्त्र के ढहते स्तम्भ, मरते बच्चे और बढ़ता विकास

सीमा आजाद विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका और प्रेस-इन चारों को लोकतन्त्र का चार स्तम्भ माना गया है, जो आज एक-एक कर ढहता हुआ साफ दिखाई दे रहा है। खासतौर पर पिछले महीने में पत्रकारों पर जिस तरीके के हमले किये गये…

राहुल गांधी को सफलता-असफलता की बातें छोड़ संघर्ष जारी रखना होगा

कृष्णकांत विभाजन की असफलता के बाद भी गांधी, पटेल, नेहरू आधुनिक भारत के नायक बने. मात्र 23 साल की उम्र में जिस बच्चे ने माफी की ​जगह फांसी चुनी, वह इस देश का हीरो है. पोरस, महाराणा प्रताप, रानी लक्ष्मीबाई,…

मोदी का कृत्रिम महानायकत्व, अंतराष्ट्रीय राजनीति और निजीकरण

हेमंत कुमार झा ऐसा नहीं है कि ब्लादिमीर पुतिन के साथ रूस की जनता का व्यापक समर्थन है या शी जिनपिंग चीन की मेहनत कश जनता के ह्रदय सम्राट हैं। लेकिन, पुतिन दो दशकों से रूस के एकछत्र सम्राट बने…

कानून हमारे ठेंगे पर: अपने बल्लेबाज आकाश के समर्थन में उतरी बीजपी, शहरभर में लगाए पोस्टर

  राकेश अचल हम जिस देश में क़ानून का इकबाल होने का सपना देखते हैं वो सपना इस सदी के नेताओं के रहते तो पूरा नहीं होने वाला. इंदौर में नगर निगम कर्मियों से मारपीट के मामले में गिरफ्तार भाजपा…

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे ने नगरपालिका अधिकारी को बैट से पीटा

भाजपा के वरिष्ठ नेता कैलाश विजयवर्गीय के बेटे ने बुधवार को अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान इंदौर में एक नगरपालिका अधिकारी पर क्रिकेट बैट से हमला किया। बुधवार को वायरल हुए एक वीडियो में आकाश विजयवर्गीय नगरपालिका अधिकारी पर…

पत्रकार, आपातकाल और अघोषित आपातकाल

नितिन ठाकुर 3 साल पहले इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप रामनाथ गोयनका एवॉर्ड बांट रहा था। टाइम्स ऑफ इंडिया के वरिष्ठ पत्रकार अक्षय मुकुल ने पुरस्कार लेने से मना कर दिया क्योंकि वो कार्यक्रम में मौजूद देश के प्रधानमंत्री के विचारों और…

नजरिया: साहब कांशीराम की बहुजन चेतना का विकास करना क्यों जरूरी है?

खुशबू शर्मा भारत में सत्ता को केंद्रीकरण कर, तानाशाही स्थापित करना बहुत मुश्किल बात नहीं है। भारतीय समाज धर्म और जाति के नाम पर इस कदर बँटा हुआ है कि लोग चाहे अपने साथ होने वाला अन्याय सहन कर लेंगे…

लोकसभा चुनाव के बाद हुईं यूपी में राजनीतिक रंजिश से जुड़ी हत्याओं पर सब चुप क्यों हैं?

उर्मिलेश यूपी में हिंसा, हत्या, बेहाली, बर्बरता और शासकीय-दमन (पत्रकार सहित) बड़ी खबर नहीं! खबर में सिर्फ बंगाल रहना चाहिए. बीच-बीच में कश्मीर भी. चाहो तो समुद्री तूफ़ान दिखाओ, क्रिकेट का उफान या चंद्रयान की भावी उड़ान. आगरा में यूपी…

7 केसों में आरोपी व सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले प्रताप षडंगी सादगी की मूरत कैसे हुए?

षंड़गी 2002 में अयोध्या मंदिर मांग को लेकर ओडिशा विधानसभा में घुसकर तोड़फोड़ मचाने के लिए 2002 में दंगा आरोपी के बतौर गिरफ्तार भी हुए थे. उन पर सात आपराधिक मामले हैं, जिनमें से दो 153A यानी मज़हबी/जातीय/भाषाई आधार पर विभाजन की कोशिश के हैं।