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राजनीति

देवांगना व नताशा की गिरफ्तारी: देश की होनहार, पढ़ी-लिखी, लड़ाकू लड़कियां जेलों में भरी जा रही हैं

जया निगम इमरजेंसी में कितने लोग जेल में डाले गए थे, हिसाब है किसी के पास? पर एंटी सीएए प्रोटेस्ट वाली लिस्ट बढ़ती जा रही है. लॉक डाउन से पहले पूरे देश से 3000 लोग गिरफ्तार कर लिए गए और…

मुख्यमठी

मोबीन भाई एक मूडी शख्स ने बचपन चय्याशी की नज़्र कर दी. बड़ा हुआ शादी हुई पर भाग खड़ा हुआ. उस महिला का जीवन कितना दर्दनाक होगा जिसे जन्म जन्म के बंधन में बांध दिया गया और एक भी जन्म…

नागरिकता क़ानून-एनआरसी पर प्रदर्शन में कौन ढूंढ रहा है हिंदू-मुसलमान?

प्रोफेसर अपूर्वानंद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रों पर हुए हमले से पैदा हुई राष्ट्रीय उत्तेजना और विक्षोभ ने कुछ समय के लिए नागरिकता संबंधी क़ानून और नागरिकता के लिए पंजीकरण के ख़िलाफ़ चल रहे राष्ट्रव्यापी प्रतिरोध की ओर से ध्यान…

मोदी और शाह ने सावरकर की टू नेशन थ्योरी पर अमल कर भारत को विभाजन की आग में झोंक दिया है

धर्म के आधार पर नागरिकता का प्रावधान संविधान की मूल आत्मा पर हमला है। पहली बार देश की सरकार ने अपने एक काले कानून को बचाने के लिए सफेद झूठ बोला कि कांग्रेस ने धर्म के आधार पर देश का…

देवीलाल तेरी नेक कमाई, दुष्यंत ने मिट्टी में मिलाई!

परमीत काजल 24 अक्टूबर को हरियाणा विधानसभा के चुनावों का परिणाम आया तो राज्य में किसान कमेरे वर्ग में एक ख़ुशी का माहौल था। हो भी क्यों ना, दुष्यंत को इस वर्ग ने 10 सीटें जीता कर सत्ता की ’चाबी’…

हरियाणा का राजनीतिक सफरनामा: हरियाणा के चौधरियों की धक्का पेल!

हरियाणा का एक स्कूल. स्कूल की एक क्लास. क्लास में बच्चे. किस्सा यों है कि डारविन की थ्योरी पढ़ाकर छात्रों को सामाजिक विज्ञान का विधाता बनाने का प्रण लिए बैठे एक मास्टर ने क्लास में घुसते ही सबको बड़े उत्साह…

दुर्गा पूजा में राम की जयकार के क्या मायने हैं?

अपूर्वानंद विजयादशमी बीत रही है. बेटी ने खिड़कियां और दरवाज़े बंद करवा दिए हैं. बाहर पटाखों की आवाज़ें एक पर एक सवार खिड़कियों को हिला रही हैं. छत पर बैठा था लेकिन पटाखों के धुंए की वजह से नीचे आकर…

‘भारत बहुत चिंताजनक आर्थिक मंदी में है’ – पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह

आज राजनीतिक संपादक हेमन्त अत्री ने मनमोहन सिंह से मोदी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर सरकार की नीतियों और अर्थव्यवस्था की चुनौतियों पर बात की। उन्होंने अपनी पहले कही बात पर ही मुहर लगाते हुए कहा कि नोटबंदी…

जर्मन शासकों से प्रेरणा लेकर ही मोदी जी कह रहे हैं कि खाने के लिए रोटी नहीं है तो कसरत करो

कृष्णकांत जर्मन शासक कहते थे कि जनता को खाने के लिए रोटी नहीं है तो उन्हें सर्कस दो। मोदी जी कह रहे हैं कि खाने को रोटी नहीं है तो कसरत करो। राष्ट्रीय स्वास्थ्य सर्वे 2015-16 कहता है कि भारत…

उजड़ती राजनीतिक संस्कृति: अर्थ व्यवस्था से अपना नियंत्रण खोती सरकारें

सबसे बड़ा संकट यह है कि सरकारें बाजार पर से अपना नियंत्रण खोती जा रही हैं। बाजार की ताकतों ने राजनीतिक संस्कृति को ही बदल डाला है और नीतियों के निर्माण में राजनेताओं की भूमिका को परोक्ष तौर पर सीमित…