लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

समाज

भाजपा के दबाव के कारण पुण्य प्रसून की सूर्या समाचार से विदाई हुई तय

पिछले दिनों एबीपी न्यूज़ से निकाले जाने के कारण चर्चा में आए पुण्य प्रसून बाजपेयी को एक बड़ा झटका लगा है। उन्होंने सूर्या समाचार न्यूज चैनल जॉइन किया था जो अब सत्ता के दबावों के आगे रेंगने को तैयार है…

मनोहर पर्रिकर : वह दमदार संघी जिसने गोमांस का विरोध करने वालों को सबक सिखाया

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर चले गए। उनके जाने पर जिस तरह की प्रतिक्रियाएं भाजपा और संघ की विचारधारा से इत्तिफ़ाक़ न रखने वाले लोगों तक ने व्यक्त कीं, वे उसके पात्र भी थे। कम लोग होते हैं, जो अपने…

घूंघट और बुर्के में बंधी औरतों के सात विद्रोह

शायक आलोक कोशा नाम की एक नदी थी कोई जो ठहर गई थी और उसके पश्चिम में कोशारी नाम का गाँव था जो बहने लगा था.. इसी बहते हुए गाँव की ओशिया नामक स्त्री को एक दिन विद्रोह का स्वप्न…

अगर 2024 में चुनाव नहीं होगा तो हमें फ्री की पूड़ी-सब्ज़ी, दारु कौन देगा और नफरत कौन फैलाएगा

“2024 में नहीं होंगे कोई चुनाव” …अरे डर गए क्या? ना..ना डरे नहीं, चुनाव आयोग ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया है भाई. दरअसल ये धांसू आइडिया हमारे प्यारे, साक्षी महाराज जी के दिमाग़ की उपज है. महाराज जी उत्तर…

इस्लामोफोबिया के कारण कमरा किराए पर न मिलने से हताश एक मुसलमान का अहम खत….

लेखक: इदरीश मोहम्मद Idrish Mohammed एक आदमी की कीमत उसकी तात्कालिक पहचान और नजदीकी संभावना तक सीमित कर दी गयी है, एक वोट तक। आदमी एक आंकड़ा बन कर रह गया है, एक वस्तु मात्र। कभी आदमी को उसके दिमाग…

जन्मदिन विशेष: जब कांशीराम ने कहा, ‘राजपाठ तो बैलेट से ही लेना है, पर तैयारी बुलेट की भी रखनी है’

छोटी-छोटी जातियों में टूटे, हाशिये पर रखे गये दलित, शोषित और पिछड़े समाज को एकजुट करके बहुजन समाज बनाकर, सत्ता पाने का मार्ग दिखाने वाले महानायक मान्यवर साहेब कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब के रोपड (अब रूपनगर)…

ब्रिज हादसे में 6 की मौत, ब्रिज गिरने या रेल पलटने से हुई मौतों को देखकर हमें गुस्सा क्यों नहीं आता!

गुरुवार रात को मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज गिर जाने से 6 लोगों की मौत हो गई और 30 के करीब लोग घायल हुए हैं. पिछले 2 सालों से लगातार रेल व फुटओवर ब्रिज…

जन्मदिन विशेष: इरोम शर्मिला जिनके लिए 16 सालों तक भूखी रही उसी जनता ने उन्हें धोखा दिया

साकेत आनंद आज इरोम शर्मिला चानू का जन्मदिन है। इरोम की ज़िंदगी से क्या हमें कुछ मिल सकता है? क्या इरोम हार की निशानी है? क्या इरोम को एक विजेता के तौर पर देखा जाय? इरोम हमें इस दुनिया की…

औसत, स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देने वाला विज्ञापन राजनीतिक विवादों को जन्म दे रहा है

स्टीरियोटाइप में बड़े और अदृश्य खतरे निहित होते हैं. सर्फ एक्सेल विज्ञापन विवाद के संदर्भ में यह लिखना बहुत जरूरी है. एक बच्चा जिसकी उम्र धर्म का ककहरा समझने के लिए बहुत कम है, उसे पजामा-कुर्ता और टोपी पहनाकर दिखाना…

मैं मोदी के खिलाफ क्यों लिखता और बोलता हूँ?

बहुत से लोग पूछते हैं कि आखिर मैं मोदी के खिलाफ इतना क्यों लिखता हूँ। उन्हें आज भी कांग्रेस से बेहतर मोदी लगते हैं। बोलते हैं विकल्प क्या है? कल नोटबन्दी से संबंधित एक आरटीआई से यह खुलासा हुआ है…