लोकवाणी

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समाज

जीवाणुओं से नफ़रत का जो ऑब्सेशन बाज़ार बेच रहा है, इससे बाहर निकलिए, बच्चों को धूल में खेलने दीजिए

जीवाणुओं से नफ़रत का जो ऑब्सेशन बाज़ार आपको बेच रहा है, इससे बाहर निकलिए। बच्चों को धूल में खेलने दीजिए, घर को ताजमहल न बनाइए। सफ़ाई की अति भी बुरी है, जिस तरह गन्दगी बुरी है। बैक्टीरिया के बीच जो…

गोडसे को देशभक्त कहना या उसके अपराध का महिमामण्डन क्यों ख़तरनाक़ है?

यह इसलिए हो रहा है, क्योंकि यह कॉन्शंस के क्राइसिस का दौर है! त्रिभुवन गोडसे या गोडसे जैसे अन्य लोगों के कृत्य बहस करने के लायक भी नहीं हैं। गोडसे और कसाब में कोई फ़र्क नहीं। कोई गांधी या दयानंद…

ईश्वर चंद्र विद्यासागर की मूर्ति तोड़ने वाले संघी समाज को अंधविश्वासों में फंसाना चाहते हैं!

पश्चिम बंगाल में कल अमित शाह के रोड शो के दौरान BJP-TMC कार्यकर्ताओं में लड़ाई हो गई. इसी दौरान उपद्रवियों ने विद्यासागर कॉलेज में ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा को तोड़ दिया. शाह की रैली के बाद हुई हिंसा और…

बाबा महेंद्र टिकैत पुण्यतिथि विशेष: वह किसान जिनकी हुक्के की गड़गड़ाहट से नेता कांपते थे

आदर्श सिंह तरार साल 2011, तारीख 15 मई। जब बार-बार आसमान से हेलीकॉप्टर के आने-जाने की आवाज सुनाई देने लगी तो चौपाल मे बैठे एक बाबा बोल उठे, “दिखे जा लिया टिकैत” यह सुनते ही चारो तरफ शांति और मेरे…

हम मरी हुई कौमें हैं!

एस.एस.पंवार निगाहो ~दिल से गुजरी दास्तां तक बात जा पहुंची मिरे होटों से निकली और कहां तक बात जा पहुंची  अनवर साबरी का ये खूबसूरत शायरी झूूठी लगती है मुझे। बात निगाहों-दिल से भी गुजरती है, बात होटों से भी…

भारतीय राजनीति में अलग नाम के खतरे और अतिशी मरलेना का यहूदी, ईसाई या क्षत्रिय हिन्दू हो जाना!

चुनाव में हिंदू के अलावा अगर आप कुछ और हैं या साबित कर दिए जाएँ कि और हैं, तो आपको मतदाताओं के बहुलांश के चित से उतार दिया जा सकता है: यह जो है, वह आपमें से नहीं है। इसलिए…

प्रधानमंत्री ने सीकर रैली में ‘मीटू-मीटू..अरे तेरी मीटू’ कहकर मीटू आंदोलन का मज़ाक उड़ाया

रितिका तारीख 3 मई, साल 2019। राजस्थान का सीकर जिला। इस दिन सीकर जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैली थी। अपनी आदत के अनुसार प्रधानसेवक मुद्दों पर बात करने की जगह विपक्ष को कोस रहे थे। वह कह…

मोदी-साध्वी के लिए सांप्रदायिकता आरोप नहीं, इनाम है

राहुल कोटियाल ‘दोषी सिद्ध न होने तक कोई भी व्यक्ति निर्दोष समझा जाता है.’ – यही भारतीय न्याय व्यवस्था का नियम है. तो फिर साध्वी प्रज्ञा के चुनाव लड़ने पर इतना हंगामा क्यों मचा है? कोर्ट ने उन्हें अब तक…

राबड़ी देवी पर घटिया ट्वीट करने वाला निशान्त चतुर्वेदी, मोदी और मनुवाद का चमचा है!

राबड़ी देवी का मज़ाक उड़ाने के चक्कर में आजतक के एंकर खुद की भद पिटवा बैठे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने उनकी खूब खिंचाई की है। मीडिया समीक्षक दीपांकर पटेल लिखते हैं, “राबड़ी देवी को ट्विटर बोलना सिखाने वाले…

500 रुपये जुर्माने का डर दिखाकर महाराष्ट्र की महिला मज़दूरों का गर्भाशय निकाला जाता है

मेरे पीरियड्स का दूसरा दिन चल रहा है। पीरियड्स के दूसरे दिन बाकी दिनों के मुकाबले अधिक रक्तस्त्राव, पेट दर्द, पैरों और कमर दर्द की शिकायत आम है। हमारे देश के कार्यालयों में आज भी पीरियड्स लीव के नाम पर…