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रिपोर्ट

दिल्ली में दरियागंज थाने के बाहर रखी टूटी हुई लाठियां और बेंत

द टेलीग्राफ में पहले पन्ने पर प्रकाशित फोटो का कैप्शन है –

दिल्ली में दरियागंज थाने के बाहर रखी टूटी हुई लाठियां और बेंत। यह भी सरकारी संपत्ति का नुकसान है। पता नहीं लोंगों की पीठी इतनी मजबूत कैसे होती है कि लाठियां टूट जाती हैं। और शायद इसका भी हिसाब रखा जाता होगा कि किस सिपाही ने कितनी लाठियां तोड़ीं – इसीलिए संभाल कर रखी हैं। पता नहीं लाठी तोड़ने वालों को ईनाम मिलता है या लाठी के पैसे देने पड़ते हैं। अगर सिपाहियों से लाठी के पैसे लिए जाएं तो सरकार का खर्च कम होगा और लाठियां कम टूटेंगी। – संजय कुमार सिंह

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