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रिपोर्ट

देविन्दर सिंह बड़े गेम का बस मोहरा था

देविन्दर सिंह को लेकर तरह तरह के सवाल उठ रहे हैं, उठाए जा रहे हैं। मेरा मानना है कि जो सवाल उठाए जा रहे हैं सचमुच बहुत ही कम है। मैं यह मानने को तैयार नहीं हूं कि मामला इतना ही है। अगर मेरी ‘कंसपिरेंसी थ्योरी’ पर विश्वास करें तो मैं देविन्दर सिंह के उस बात पर यकीन करना चाहता हूं जो उसने गिरफ्तारी के समय डीआईजी अतुल गोयल को कही थी- सर, ये गेम है।आप गेम मत खराब करो।
मैं यकीनी तौर पर कह सकता हूं कि जिस रूप में ‘इंडियन स्टेट’ काम करती है उस हिसाब से सचमुच यह गेम था। 26 जनवरी नजदीक है, 8 फरवरी नजदीक है (दिल्ली का चुनाव-जिसमें मोदी-शाह की इज्ज्त दाव पर है), एनआरसी-सीएए में पूरा देश जल रहा है। आरएसएस, मोदी-शाह और बीजेपी के तमाम कोशिशों और साजिशों के बावजदू इसे हिन्दू-मुस्लिम नहीं किया जा सका है। इस हिसाब से सिर्फ यही ‘खेल’ खेलना बांकी रह गया था कि गणतंत्र दिवस से पहले एक जोरदार ‘गेम’ खेलकर इसकी पूरी जवाबदेही मुसलमानों के उपर डाल दिया जाए! इसलिए सचमुच बड़ा ‘गेम’ था जिसे डीआईजी अतुल गोयल ने खराब कर दिया। मैं यह बात भी पूरी जवाबदेही के साथ कहना चाहता हूं कि इस ‘गेम’ में शीर्ष पर दस बैठे लोगों में से तीन-चार लोगों की मिलीभगत है, इसलिए इसका खामियाजा भी अतुल गोयल को जल्द ही भुगतना पड़ेगा।

लेकिन इस गेम के अलावा मेरा दूसरा सवाल कांग्रेसियों से है। अफजल गुरू ने यह चिठ्ठी 2004 में लिखी थी। उस समय दिल्ली में मनमोहन सिंह की सरकार बन गई थी, जबकि संसद पर तथाकथित आंतकी हमला वाजपेयी के शासनकाल में 13 दिसंबर 2001 तो हुआ था। आखिर कांग्रेस सरकार ने उस हमले के रहस्य को सुलझाने की कोशिश क्यों नहीं की? कांग्रेस पार्टी की क्या मजबूरी थी कि इतनी बड़ी घटना बिना किसी अतिरिक्त जांच के खत्म हो जाने दिया? इतना ही नहीं, जब चिदबंरम गृह मंत्री थे तो अफजल गुरू को फांसी पर लटका दिया गया और उनकी लाश तक उनके परिवार वालों को सौंपने से मना कर दिया। लाश तो छोड़िए, उनके सामान भी परिवार वालों को नहीं दिया गया।

आज कांग्रेसी उस चिठ्ठी को लेकर हायतौबा मचा रही है! कांग्रेसियों को पहले अपने किए पर माफी मांगनी चाहिए, खुद को शर्मिंदा महसूस करना चाहिए।

देविन्दर सिंह सिर्फ मोहरा है, मोहरे के सहारे इस तथ्य की गहन जांच पड़ताल होनी चाहिए कि किसके कहने पर यह खेल खेले जाने की तैयारी हो रही थी। इस तरह के खेल से देश और देशहित को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। जिसमें कांग्रेसी किसी भी रूप में कम जवाबदेह नहीं रही है।

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