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गौतम गंभीर: वह आदमी जो क्रिकेटर्स की टीम से चौकीदारों की टीम में शामिल हुआ

गौतम गंभीर क्रिकेट का मैदान छोड़ सियासी पारी खेलने उतर चुके हैं. गौतम गंभीर ने शुक्रवार को बीजेपी जॉइन की है. बताया जा रहा है कि बीजेपी नई दिल्ली सीट से गंभीर को अपना उम्मीदवार बना सकती है. इस खबर के बाद ही लोगों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।

नई दिल्ली से टिकट मिलने के कयासों पर अंकित दुबे लिखते हैं, गौतम गंभीर को नई दिल्ली सीट से टिकट मिल रहा है। नई दिल्ली लोकसभा क्षेत्र की परिधि में जेएनयू के सामने बसने वाला मुनीरका तक शामिल है, जेएनयू दक्षिणी दिल्ली लोकसभा सीट में आता है। जेएनयू में ही एक बार किसी कार्यक्रम में गौतम गंभीर बुलाए गए थे। वहाँ राष्ट्रहित में बड़ा ही महत्वपूर्ण बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि देश को तीन मोर्चों पर अलग-अलग दुश्मनों से लड़ना है। पाकिस्तान से लड़ना है, चीन से लड़ना है और जेएनयू से लड़ना है। मतलब जेएनयू के बगल तक जिसकी सीट होगी उसकी नज़रों में देश के तीन दुश्मनों में एक जेएनयू भी होगा। नई दिल्ली सीट में मेरे कई सम्बन्धी मतदाता हैं, मेरे बड़े भाई भी यहीं के वोटर हैं। सबको गंभीर की बात बताई है, कोई वोट नहीं देगा। गंभीर की उम्मीदवारी का विरोध करता हूँ। गम्भीर को मालूम होना चाहिए कि मल्टीनेशनल ब्रान्ड्स के चड्ढी-बनियान से लेकर टोपा-टी शर्ट तक पहन कर बाईस गज की क्रिकेटिया देशभक्ति से अलग भी देशभक्ति होती है। जेएनयू के लोगों ने पढ़ कर, पढ़ा कर, कई बार देश को दिशा दिखा कर अपनी देशभक्ति सिद्ध कर दी है। यहाँ आने वाले लोग ज्यादतर खेतों से आए लोग हैं, मध्यमवर्ग के, ग़रीब तबके के लोग हैं। संघर्ष करके आए लोग हैं। आपकी तरह कोठियों वाले एलीट नहीं हैं…

वहीं भाजपा जॉइन करने पर केतन ने गौतम गंभीर पर चुटकी लेते हुए लिखा, गौतम गंभीर पहले इंसान हैं जो क्रिकेटर्स की टीम से चौकीदारों की टीम में गया है.

संकेत मिश्रा लिखते हैं, न भाजपा जॉइन करने से गौतम गंभीर अच्छे या बुरे बनते हैं और न ही कांग्रेस जॉइन करने से सपना चौधरी अच्छी या बुरी बन जाती हैं। इस तरह की फालतू की बहसों में न पड़ें। दोनों ने ही लोकप्रियता खुद की मेहनत और प्रतिभा से अर्जित की है, कोई दंगा या अपराध कर के नहीं। आप उम्मीदवार पर बहस छोड़ दीजिए, आप की बहस आपके मतदान के आधार पर होनी चाहिए। किस आधार पर आप मतदान करने जा रहे? शिक्षा, चिकित्सा, रोज़गार, कानून-व्यवस्था, विकास के आधार पर या धर्म, जाति, नफरत, अपराध, झूठे-इतिहास के आधार पर?

सपना चौधरी के कांग्रेस जॉइन करने के बाद वह बीजेपी के ट्रॉल्स के निशाने पर हैं। बीजेपी ट्रॉल्स का जवाब देते हुए सीमा समृद्धि लिखती हैं, सपना चौधरी जी का स्वागत है काँग्रेस पार्टी में।आपका संघर्ष, निडरता और जनाधार पार्टी के काम आयेगा। बात जहाँ राजनीतिक भागीदारी की होगी वहाँ हर फील्ड की बेटी को राजनीतिक भागीदारी दी जानी चाहिए। और राजनीतिक मुद्दों की समझ उस इंसान को हो ही जाती है जो ग्रामीण पृष्ठभूमि से उठकर इतना संघर्ष कर सफलता के मुकाम पर पहुंचता है। जब एक पुरूष इंजीनियर, डाक्टर, डान, बाहुबली, गुंडा, मवाली, डकैत, सबके लिये राजनीति के दरवाजे खुले हैं तो एक स्त्री के लिये दायरा क्यों हो? और रही बात सपना की राजनीतिक परिपक्वता की तो वो काम करने से आ ही जायेगी। और एक बात जब आप सपना चौधरी जी की राजनीति में आने की आलोचना करें तो एक बात आवश्य ही याद रखना आलोचना उस भीड़ की भी होनी चाहिए जो उनके डाँस को देखने के लिये भीड़ के रूप में एकत्रित होते हैं।

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