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हरियाणा आरएसएस चीफ पवन जिंदल और उसके परिवार ने लोगों से हड़फे 250 करोड रूपये!

  • सर्वदमन सांगवान/ गुरूग्राम से

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ यानि आरएसएस के हरियाणा के चीफ पवन जिंदल और उनके परिवार ने फर्जीवाडा करके हरियाणा के पचास से ज्यादा लोगों से पिछले कुछ सालों के दौरान लगभग 250 करोड़ रूपये गटक लिए हैं। इस पत्रकार की पड़ताल में पवन जिंदल के अलावा उनके तीन अन्य भाई और इनके परिवार के कई लोग विभिन्न तरह के फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए गए हैं। इनके खिलाफ पंजाब के नाभा और हरियाणा के गुरूग्राम के थानों में एफआईआर दर्ज हैं और गुरूग्राम के पुलिस कमीश्नर को भी कई शिकायतें की जा चुकी हैं। परिवार की कुछ महिलाओं को कोर्ट ने बाकायदा भगोड़ा अपराधी भी घोषित किया हुआ है, लेकिन शर्म की बात है कि फरार अपराधी घोषित होने के बावजूद पुलिस इन्हें गिरफ्तार करने से कतरा रही है। बड़ी बात यह है कि हरियाणा पुलिस के एक दर्जन अधिकारी व जवान दिन रात इन घोटालेबाजों की सुरक्षा में तैनात हैं। पवन जिंदल की मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और सत्तारूढ़़ बीजेपी से नजदीकियों के कारण पुलिस अधिकारियों की इन पर हाथ डालने की जुर्रत नहीं हो रही।

पाठक यह जान कर चौंके बिना नहीं रहेंगे कि बीजेपी के सत्ता में आने का फायदा उठा कर पवन जिंदल और उनके भाइयों के परिवार एकाएक अरबों रूपये के साम्राज्य के मालिक बन बैठे हैं। पवन जिंदल और उनके दो भाइयों मदन जिंदल और ज्योति जिंदल की गुरूग्राम के सैक्टर 15 में 1000-1000 वर्ग गज की आलीशान कोठियां हैं । तीनों कोठियां अगल-बगल में स्थित हैं और इनके नंबर 704 ,705 व 706 हैं। इन कोठियों की शानोशौकत देख कर आपकी आंखें मारे चकाचौंध के चुंधिया जाएंगी। तीनों कोठियों में हर समय पचास-पचास लाख रूपये से भी महंगी गाड़ियां खड़ी रहती हैं । मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और राज्य के दूसरे कई मंत्री अक्सर पवन जिंदल की कोठी पर हाजिरी भरते रहते हैं।

गौरतलब है कि उक्त जिंदल परिवार तकरीबन बीस साल पहले जब पंजाब से पलायन करके गुरूग्राम में आया था तो इनकी यह शानोशौकत नहीं थी, लेकिन आज परिवार के पास गुरूग्राम में कई बड़ी फैक्टरियां और दूसरे अनेक भालीभरकम कारोबार हैं। परिवार की एकाएक हुई तरक्की पर फिर कभी चर्चा करेंगे, फिलहाल इस परिवार द्वारा लोगों को लगाए गए बेहिसाब चूने की बात करते हैं।

पता चला है कि परिवार के लोगों ने गुरूग्राम और राज्य के दूसरे जिलों के पचास से अधिक लोगों से किसी न किसी बहाने से तकरीबन 250 करोड़ रूपये ठगे हैं। इन के शिकार होने वाले लोगों में कई तो खुद भी वीआईपी की श्रेणी में आते हैं। ऐसे लोगों में नेता, अधिकारी, व्यापारी, उद्योगपति, इंजीनियर और शिक्षाविद तक शामिल हैं।

एक मल्टीनेशनल कंपनी में बड़े ओहदे पर काम कर चुके एक टेक्नीकल इंजिनियर ने बताया कि वह पवन जिंदल के भाई ज्योति जिंदल के झांसे में आ कर अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी लुटवा चुका है। ज्योति जिंदल ने उसे अपनी कंपनी मैसर्ज जिंदल प्रेफैब प्रा. लिमिटेड में बराबर का हिस्सेदार बनाकर डायरेक्टर की कुर्सी देने का वायदा करके लगभग पांच करोड़ रूपये झटक लिये और बाद में उसे मारपीट कर कंपनी से भगा दिया। इन महाशय ने गुरूग्राम के पुलिस कमीश्नर को 22/02/2019 को शिकायत करके ज्योति जिंदल, उनके बेटे कुणाल जिंदल और ज्योति जिंदल की पत्नी सबीना जिंदल के खिलाफ सबूतों के साथ लिखित में लंबी चौड़ी शिकायत की है । इस शिकायत को पुलिस कमीश्नर के कार्यालय की डायरी में 471 नंबर पर दर्ज किया गया है। शिकायत के हिसाब से ज्योति जिंदल, सबीना जिंदल और कुणाल जिंदल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 465, 506 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज होना बनता है, लेकिन अभी तक पुलिस कमीश्नर कार्यालय ने इस शिकायत पर कोई भी एक्शन नहीं लिया है । जबकि हरियाणा सरकार कहती है कि उनके राज में हर शिकायत पर पहले एफआईआर दर्ज होती है और बाद में जांच।

इसी तरह हरियाणा के एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने नाम उजागर न करने के अनुरोध के साथ खुलासा किया कि उसके नजदीकी रिश्तेदार से पवन जिंदल ने सरकार से काम कराने के नाम पर तीन करोड़ रूपये लिये थे, लेकिन न तो काम ही हुआ और न ही पैसे ही वापिस मिल रहे । बेचारा रिश्तेदार तकाजा कर करके थक चुका है, लेकिन जिंदल परिवार पैसे लौटाने का अब नाम ही नहीं लेता।

गुरूग्राम में कई ऐसे नेता हैं जिन्होंने गुरूग्राम नगर निगम चुनाव के समय टिकट दिलाने में मदद करने के एवज में जिंदल परिवार को पचास पचास लाख रूपये दिए थे, लेकिन टिकट तो मिली नहीं पर बेचारों की रकमें जरूर डूब गईं हैं । अब जिंदल बंधू इनके फोन तक भी नहीं उठाते और इनका घर में प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया हैं । कोठी के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मी इन्हें गेट पर भी खडा नहीं होने देते।

ऐसे भी कई लोग सामने आये हैं, जिन्होंने पैसे देते समय जिंदल बंधुओं से बिना डेट के चैक लेने की अक्लमंदी दिखाई थी। जिंदल बंधुओं ने अपनी बीवियों को अपनी कंपनियों व फैक्टरियों में डायरेक्टर के सजावटी पद दे रखे हैं। पैसे लेते समय जिंदल बंधुओं ने अपनी बीवियों के साइन किये हुए चैक इन लोगों के थमा दिए थे। ऐसे लोगों ने जब चैक क्लियरैंस हेतू बैंकों में लगाए तो ये चैक बाऊंस हो गये। जब बार-बार तकाजा करने के बाद भी जिंदल बंधुओं ने पैसा लौटाने का कोई उपक्रम नहीं किया तो उन्होंने कोर्ट की शरण ली। जिंदल भाइयों में से एक की पत्नी श्रुति प्रकाश जिंदल दो बार बैल जंप कर चुकी है। गुरूग्राम की प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी डा. रेणू सोल्खे की अदालत में चैक बाउंस के चार मामलों का सामना कर रही श्रुति जिंदल हाल ही में अपने वकीलों के साथ जमानत लेने कोर्ट पहुंची तो अदालत ने उनकी जमानत की अर्जी नामंजूर कर दी तथा श्रुति जिंदल को फौरन हिरासत में लिए जाने का आदेश दे दिया। इससे पहले कि पुलिसकर्मी उसे पकड़ पाते, श्रुति जिंदल कोर्ट को चकमा देकर मौके से फरार हो गई। इस संबंध में कोर्ट ने अब श्रुति जिंदल को फरार अपराधी घोषित कर दिया है।

इसी परिवार की एक अन्य महिला कमलेश जिंदल जोकि मैसर्ज जिंदल बिल्डटैक प्रा. कंपनी की डायरेक्टर है, को भी सुश्री नीतिका भारद्वाज जेएमआईसी की अदालत भगौड़ा अपराधी घोषित कर चुकी है। इन्होंनें भी बैल जंप करके अदालत को ठेंगा दिखा दिया था।

पवन जिंदल के एक भाई ओमप्रकाश जिंदल के खिलाफ पंजाब के नाभा (जिला पटियाला) में धोखाधड़ी से जमीन हड़पने का मुकदमा चल रहा है। ओमप्रकाश जिंदल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 465,468,471 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज है। इन पर झूठा व फर्जी इकरारनामा तैयार करके धोखाधड़ी से जमीन का एक बड़ा टुकड़ा अपने नाम कराने का इल्जाम है। ओमप्रकाश जिंदल अभी भी पंजाब में रह रहे हैं।

इसी बीच पता चला है कि रोहतक से जुड़ा बीजेपी का एक बड़ा नेता भी कई शिकारों को जिंदल के पास भेजता रहा है। रोहतक के कई लोगों के करोड़ों रूपये जिंदल परिवार के पास फंसे हुए हैं । पर सरकार के निशाने पर आने से डर रहे ये लोग खुल कर सामने आने और जिंदल परिवार की पोल खोलने से कतरा रहे हैं।

लेकिन सबसे शर्मनाक बात यह है कि लोगों को ठगने वाले इस पारीवारिक गिरोह के चंगुल से लोगों को बचाने की बजाए हरियाणा पुलिस इन को बाकायदा सुरक्षा कवच दे रही हैै । पुलिस को मालूम है कि अदालत से भगौड़े घोषित कई अपराधी जिंदल परिवार की तीनों कोठियों में उनकी नजरों के सामने हैं, लेकिन वे बिना मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से इशारा मिले इनका बाल तक बांका करने के बारे में सोच भी नहीं सकते।

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