लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

रिपोर्ट

‘कल की चिंता मत करो, कल अपनी चिंताएँ लिए हुए आएगा’

प्रकाश के रे

जीसस के दो कथन मुझे बहुत प्रिय हैं. वे कहते हैं, कल की चिंता मत करो, कल अपनी चिंताएँ लिए हुए आएगा. आज की परेशानियाँ आज के लिए बहुत हैं. दूसरा कथन यूँ है- वे लोग अभी ही ऐसा कर रहे हैं, जब कि पेड़ हरे हैं; तब क्या होगा, जब ये सूख जाएँगे!

जीसस की पैदाइश तब हुई थी, जब उनकी माँ मेरी अपने मंगेतर जोसेफ़ के साथ नाज़ेरथ से 112 किलोमीटर दूर बेथलेहम आयी थीं. रोम ने अपने साम्राज्य में लोगों के पंजीकरण का पहला क़ानून बनाया था. इसका मक़सद यह था कि सबसे टैक्स वसूला जा सके. यूरोप में तो जहाँ लोग रह रहे थे, वहीं बही में नाम दर्ज होता था, पर फ़िलीस्तीन में लोगों को अपने कुल के पुश्तैनी जगह पर जाकर नाम लिखवाना पड़ता था. इस वजह से शहर में बहुत भीड़ थी, सो मरियम व यूसुफ़ को सराय में जगह नहीं मिली और उन्हें गड़ेरियों के पशुओं के बाड़े में रहना पड़ा था. पैदा होने के बाद जीसस को नाद में लिटाया गया था.

जीसस शरणार्थी भी थे. जब शाह हेरोड ने बेथलेहम के दो साल उम्र से छोटे सभी बच्चों को मारने का आदेश दिया, तो मरियम व यूसुफ़ को जीसस को लेकर मिस्र भागना पड़ा था.

वो जगहें, जहाँ जीसस पैदा हुए, पले-बढ़े और सलीब पर टाँगे गये, तब भी ग़ुलाम थीं और आज भी ग़ुलाम हैं.

सभी राजधानियाँ रोम हैं और हर सड़क रोम को जाती है. हर रोम के अपने उपनिवेश हैं. क्या प्रजा, क्या ग़ुलाम, सब रोम के आज़ाद शहरी होना चाहते हैं. रोम एक फ़ंतासी है.

इस फ़ंतासी एक वहशी सच है सलीब. तुम देख नहीं रहे सड़कों पर सलीबों की क़तार और उनके ऊपर लटके लोग! आह! सबको अपना सलीब ख़ुद ढोना है. जिम कैविज़ल कहते हैं कि अगर हमने ऐसा नहीं किया, तो सलीब के बोझ तले दब कर कुचल जायेंगे. जीसस ने कहा था कि अगर मेरे साथ आना चाहते हो, ख़ुद को भूलो और अपना सलीब उठाओ.

अज़हर दुर्रानी ने रोमनुमा सल्तनतों के मिज़ाज को बख़ूबी दर्ज किया है:
क़दम क़दम पे सलीबों के जाल फैला दो
के सरकशी को तो आदत है सर उठाने की

कभी मैंने यह भी कह दिया था- ओ धर्मयुद्ध में रत मेरे प्रेम! रोम और जेरूसलम के गदहों को भी खाना चाहिए.

जीसस ने कहा था- भूखे को खाना खिलाया हो, प्यासे को पानी दी हो, अनजान को अपने यहाँ शरण दी हो, बिना कपड़ों के किसी को कपड़ा दिया हो, किसी बीमार की देखभाल की हो, जेल में रखे गए किसी से जाकर भेंट की हो- इनमें से अगर एक भी काम तुमने किसी के साथ किया है, तो वह तुमने मेरे लिए किया है.

(चित्र चिली का है और हर जगह का है. साभार: रेडफ़िश)

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *