लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

रिपोर्ट

कहीं देश पर गर्व करने की आपकी कोमल भावना देश को शर्मिंदा तो नहीं कर रही है?

कृष्णकांत

आज व्हाट्सएप पर एक मैसेज मिला कि यूनेस्को ने भारतीय राष्‍ट्रगान जन गण मन को दुनिया का सर्वश्रेष्ठ नेशनल एंथम घोषित किया है. यह मैसेज हमारे एक करीबी ने भेजा था. उन्होंने भी इसलिए भी फॉरवर्ड किया होगा क्योंकि उनको किसी और करीबी ने भेजा होगा. हम सब अपने करीबियों को ऐसे झूठे संदेश भेजते रहते हैं.

मैसेज मिलते ही मुझे वह खबरें याद आ गईं जब 2016 में टॉप 10 फर्जी खबरों की सूची प्रकाशित हुई थी. इंडियन एक्सप्रेस ने यह सूची प्रकाशित की थी, जिसे तमाम अन्य अखबारों में छापा था.

इसमें पहली खबर थी- यूनेस्‍को ने पीएम मोदी को सर्वश्रेष्‍ठ प्रधानमंत्री घोषित किया.

दूसरी खबर थी- यूनेस्को ने भारतीय राष्‍ट्रगान को सर्वश्रेष्ठ नेशनल एंथम घोषित किया.

तीसरी थी- 2000 रुपए के नए नोटों में GPS Chip लगी है. यह अफवाह एक स्टार टीवी एंकर और एक एंकरानी ने फैलाई थी.

जन गण मन को लेकर यह अफवाह सबसे पहले 2008 में उड़ी. तबसे कई मीडिया वेबसाइट, अखबार इसका खंडन कर चुके हैं, यूनेस्को भी खंडन कर चुका है. लेकिन यह अफवाह अब तक जारी है. जून,2018 में ओलंपियन बबिता फोगाट भी इस दावे को ट्वीट करके किरकिरी झेल चुकी हैं.

क्या मोदी के महान होने के लिए 22 करोड़ भारतीयों का समर्थन कम पड़ गया जो आप अफवाह फैलाने लगे? अगर विराट समर्थन से मोदी महान नहीं हैं, तो आपकी अफवाहों से पक्का महान नहीं बनने वाले.

आपको यूनेस्को की घोषणा के बगैर यह विश्वास करना चाहिए कि हमारा देश, इसके प्रतीक, इसका संविधान श्रेष्ठ है और इसमें हम सभी की अटूट आस्था है, बिना यह सोचे कि दूसरे का कमतर है कि बेकार है. सबकी सरजमीं उसे प्रिय और पूज्य होती है. हमारी हमें है.

आप बार बार झूठ फैलाते हैं, फिर उसका खंडन किया जाता है. इससे देश के गौरव में कोई इजाफा नहीं होता. हमारा देश दुनिया के सबसे अदभुत देशों में से एक है. इसकी महानता के लिए यूनेस्को और यूएन के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है, लेकिन इसके गौरव के लिए जरूरी है कि आप इसके नागरिक झूठ की फैक्ट्री के उत्पाद में न बदल जाएं. देश पर गर्व कीजिए, लेकिन देश में फैलाए जा रहे झूठ पर गर्व मत कीजिए. इससे देश का नुकसान होता है.

(यह फोटो इंडियन एक्सप्रेस की उसी स्टोरी से उड़ाई है, जिसका मैंने जिक्र किया है.)

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *