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‘चोर-चोर मौसेरे भाई’! नीरव मोदी और अम्बानी परिवार के कनेक्शन्स पर मीडिया क्यों चुप है

न्यूज़ चैनल को सनसनीखेज खबरें दिखाने का बहुत शौक है। अक्सर वह बड़े लोगों की ओर सेलेब्रिटीज़ के जीवन से जुड़ी छोटी छोटी बातें भी बड़े विस्तार से बताता है, और वो ऐसी खबरें जरूर फ्लैश करता है जिसमें फ़िल्म जगत राजनीति कारपोरेट, क्रिकेटर्स और घोटालेबाजों का आपस में कुछ सम्बन्ध दिखता हो ऐसी खबरें हॉट केक जैसी होती हैं।

लेकिन आश्चर्य की बात है कि अम्बानी के बेटे की शादी की खूब चर्चा अभी चल रही है किंतु कोई चैनल या अखबार यह नहीं बता रहा है कि मुकेश अंबानी की बहू श्‍लोका की मां मोना मेहता से नीरव मोदी का गहरा कनेक्‍शन है। मोना मेहता के भाई यानी श्‍लोका के मामा मयंक मेहता की शादी नीरव मोदी की बहन पूर्वी से हुई है।

नीरव मोदी लंदन में देखे जा रहे हैं। वैसे नीरव मोदी का संबंध अंबानी परिवार से एक ओर तरह से भी है, मुकेश और अनिल अंबानी की भांजी इशिता सलगांवकर की शादी नीरव मोदी के छोटे भाई नीशाल मोदी से हुई है। इशिता मशहूर बिजनेसमैन दत्ताराज सलगांवकर और दीप्ति सलगांवकर की बेटी हैं और दीप्ति, धीरूभाई अंबानी की बेटी हैं।

अभी ICICI बैंक की पूर्व सीईओ चन्दा कोचर भी वीडियोकॉन घोटाले की वजह से सुर्खियों में है. सुना है उन्होंने अपनी रिश्वत की कमाई टेक्स हेवन देशों में जमा करवाई है।

अब चन्दा कोचर का रिलायंस से गहरा संबंध है। अंबानी परिवार के विश्वस्त के.वी. कामथ चन्दा कोचर के गुरु रहे हैं चंदा की बेटी आरती रिलायंस इंडस्ट्रीज में काम करती हैं। उनकी शादी आदित्य काजी से हुई है। आदित्य के पिता समीर काजी और मां राधिका को अंबानी परिवार के करीबी माना जाता है।

मीडिया सैफ और करीना के बेटे तैमूर की खूब खबर रखता है लेकिन इन घोटालेबाजो के कनेक्शन पर कोई सवाल नही उठाता!

गोदी में बैठी मीडिया क्यों नीरव मोदी के बारे में पूछ रही

गोदी में बैठी मीडिया दुम हिलाने वाले कुत्ते सरीखा व्यवहार करती है। कल अचानक दिन भर न्यूज़ चैनलों पर नीरव मोदी के ब्रिटेन में होने की खबरें चलती रही और जैसे ही यह खबर आई तुरंत विदेश मंत्रालय सक्रिय हो गया उसने कहा कि उन्हें पहले से ही पता है कि वह ब्रिटेन में रह रहा है, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि नीरव मोदी के प्रत्यर्पण के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। नीरव मोदी के प्रत्यर्पण का अनुरोध अभी उनके (यूके सरकार) के विचाराधीन है।

क्या किसी पत्रकार ने पलट कर रवीश कुमार से पूछा कि आपको यह बात कब से पता है? और आपकी यह अर्जी ब्रिटेन के पास कब से लंबित है। आपने जो इंटरपोल से जो रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था क्या वह भटे बघारने के लिए जारी करवाया था?

भास्कर की आज की खबर बताती है कि नीरव मोदी ब्रिटेन में जनवरी 2018 से रह रहा है। दरअसल यह बात खुद ब्रिटिश सरकार ने भारत को बताई है। ईडी ने विदेश मंत्रालय के जरिए जून में एजेंसी ने एक दिन पहले ही कोर्ट में प्रत्यर्पण आवेदन दिया था. समझा जाता है कि ईडी ने धनशोधन रोकथाम अधिनियम के तहत उसके द्वारा हाल ही में दायर आरोपपत्र के आधारपर ब्रिटेन, बेल्जियम और कुछ अन्य देशों से मोदी के प्रत्यर्पण की मांग की थी।

जून 2018 से पहले यह बहाना बनाया जाता रहा कि नीरव मोदी को विदेश में तब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सकता जब तक कि इंटरपोल मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस नहीं जारी करती. यह नोटिस 29 जून को जारी किया गया था, इंटरपोल द्वारा जारी किया गया रेड कॉर्नर नोटिस किसी भी अपराधी को पकड़ने के लिए दुनिया भर में मान्य प्रक्रिया है.

तो अब तक विदेश मंत्रालय क्या कर रहा था न वो मेहुल चौकसी को ही पकड़ पाया और न नीरव मोदी को जबकि वह 10 महीने से आपके सामने ही मौजूद था। अभी तक आप उसको पकड़ने के लिए ब्रिटेन की कोर्ट में सिर्फ अपील करने में 6 महीने का टाइम लग गया, अपील के बाद अभी तक 10 महिने होने को आए हैं आप कर क्या रहे हो?

साफ दिख रहा है कि नीरव मोदी को बचाया जा रहा है। पत्रकारों को नीरव मोदी का शुरतर्मुर्ग के चमड़े का कोट दिख रहा है। खुद जो शुतुरमुर्ग जैसे रेत में गर्दन डाल कर बैठे हैं वह नही दिख रहा है।

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