लोकवाणी

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अलविदा रमणिका गुप्ता: आपने सार्थक जीवन जीया, समाज को बहुत कुछ दिया

जानी मानी कवि, कथाकार, चिंतक तथा पत्रकार रमणिका गुप्ता हमारे बीच नहीं रहीं। उनकी कविताओं को पढ़कर लोकवाणी की टीम उन्हें अलविदा कहती है प्रतिरोध हमने तो कलियाँ माँगी ही नहींकाँटे ही माँगेपर वो भी नहीं मिलेयह न मिलने का…

अगर जीवन में आपने जनरल डब्बे की यात्रा का लुत्फ़ ना उठाया तो क्या ही दुनिया में आए

ट्रेन की यात्रा बहुत सुहावनी होती है. फिल्मों में तो इसे और सुहावना बना दिया जाता है. “छोटी सी कहानी से, बारिशों के पानी से, सारी वादी भर गई, लाss लाss लाss लाsss”, या फिर राजेश खन्ना-शर्मिला टैगोर का गाना,…

हरिशंकर परसाई: क्रांतिकारी की कथा (व्यंग्य)

कुछ दिनों से वामपंथी चर्चा में बने हुए हैं. कन्हैया कुमार अब सीपीआई के टिकट से बेगूसराय से चुनाव लड़ रहे हैं. हम सबकी शुभकामनाएं उनके साथ हैं. उन्हें इस बार संसद में जरूर आना चाहिए. आज शहला रशीद के…

लाल झंडा लिए मेरी कविताएं मेरे विरुद्ध हड़ताल पर बैठी हैं संसद मार्ग पर

कविताओं की हड़ताल मेरी कविताएं हड़ताल पर हैं मैंने उनसे अपील कीपर वे नहीं मानी मैंने कहा चुनाव प्रचार में शामिल करूंगा कविता ने कहा -तू ठग है कवि नहीं मैंने कहा -पाठ्यक्रम में शामिल करवाऊंगा उसने कहा – मुझे मौत मंजूर है मेरी…

लोहिया याद आते रहेंगे लेकिन इस दौर के छुटभइए नेता उन्हें भुला देना चाहते हैं

आजादी के समय चारों तरफ रक्तपात मचा हुआ था. दिल्ली में एक मुसलमान लड़का डॉ. राममनोहर लोहिया से टकरा गया. वह समझता था कि लोहिया के साथ वो सुरक्षित है. लेकिन कम उम्र होने के कारण वह यह नहीं समझ…

राजस्थान कांग्रेस विकल्पहीनता के कारण ज़िंदा हैं, मुसलमान राजनीतिक रूप से यतीम हैं!

जितेंद्र महला राजस्थान में आरएसएस-बीजेपी के सामने कांग्रेस इसीलिए ज़िंदा है क्योंकि गैर बीजेपी-गैर कांग्रेस दल और नेता अभी तक विचारधारा की पुख़्तगी की कमी और बेजोड़ संघर्ष की कमी के कारण कांग्रेस का विकल्प नहीं बन सके. वरना कांग्रेस…

कांग्रेस का हाथ, अडानी के साथ: भूपेश बघेल ने अडानी को दिया कोयला खदान का ठेका

आखिरकार छत्तीसगढ़ के कांग्रेसी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अडानी जैसे बड़े कारपोरेट के आगे लंबलेट हो ही गए, छत्तीसगढ़ के कोरबा ज़िले में गिधमुड़ी और पतुरिया कोयला खदान को कांग्रेस पार्टी की सरकार ने अडानी की कंपनी को सौंपने का…

क्या भारत और पाकिस्तान के झण्डों के सफेद रंग (अल्पसंख्यक) सुरक्षित हैं?

मिलेनियम सिटी को साजिद के घर में घुस कर मारने का वीडियो कैसा लगता होगा. गुरुग्राम की घटना का वीडियो जब तक उभर आता है। सोशल मीडिया के किसी पेज पर जाता हूं तो दिख जाता है। छत पर लड़कियां…

महिलाओं के राजनीति में आने से मर्दों की पितृसत्ता और यौन कुंठा की गठरी क्यों खुल जाती है?

अरे सपना चौधरी राजनीति में चली गई तो स्टेज पर ठुमके कौन लगाएगा, राजनीति में शामिल होकर सपना स्टेज पर भाषण देती हुई सपना कहां जचेगी। सपना तो सपना तभी मानी जाएगी जब वह स्टेज पर तेरी आंख्यो का यो…

दुनिया में केवल दो ही वर्ग हैं: ‘शोषक और शोषित’, तय आपको करना है आप किसमें फिट बैठते हैं

ये कोई आज की बात नहीं है. वर्ग संघर्ष सदियों से चला आ रहा है. लोगों ने समय-समय पर इसके ख़िलाफ़ आवाज़ भी बुलंद की है. पर आज सूरत ये है कि हमें ख़ुद ही नहीं पता कि हम किस…