लोकवाणी

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वेलेंटाइन डे पर भगत सिंह के नाम पर झूठे प्रपंचों में न पड़ें

हर साल जब वेलेंटाइन डे आता है तो एक मैसेज भी हमारे यारे-प्यारे साथी हमें भेज देते हैं, जिसमें लिखा होता है कि करोड़ों भारतीय 14 फरवरी को वेलेंटाइन डे के रूप मनाते हैं, लेकिन बहुत ही कम युवा पीढ़ी…

राफेल पर कैग की रिपोर्ट की लच्छेदार भाषा और अरुण जेटली के झूठों का पहाड़

राफेल पर CAG की रिपोर्ट की भाषा भ्रमित करने वाली है। यह लच्छेदार भाषा में छुपे झोल कुछ इसप्रकार हैं, रिपोर्ट में ऑफसेट कांट्रैक्ट को लेकर कहीं कोई जिक्र नहीं है. इस तरह से रिपोर्ट में इस बात की कोई…

रिपब्लिक टीवी से झड़प के बाद AMU के 14 छात्रों पर हिंदू मोर्चे की शिकायत पर देशद्रोह का मुकदमा

Simin Akhter ‎(سیمیں اختر)‎ अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के 14 छात्रों के विरुद्ध, भाजपा समर्थित हिन्दू युवा मोर्चा के सदस्यों द्वारा की गई शिकायत पर, जिस तरह ‘सिडीशन’ या ‘राष्ट्रद्रोह’ का आरोप लगाया गया है, ए.एम.यू और मुस्लिम समुदाय के सियासी…

आखिर क्योंं, कैसे और किसके इशारे पर राफेल डील में अंबानी की गोटियां फिट हुईं!

मार्च 2015 के चौथे सप्ताह में, राफेल पर नरेंद्र मोदी द्वारा नई डील की घोषणा करने के दो सप्ताह पहले, अनिल अंबानी फ्रांस के रक्षा मंत्री के प्रमुख सलाहकारों से मिले. यह मुलाकात पूरी तरह से गोपनीय और बहुत ही…

दूसरा चीट फंड घोटाला होने जा रहा है, इस बार नंबर LIC का है

उज्ज्वल कुमार LIC ने 13 हज़ार करोड़ आम जनता के पैसे एक डूबते बैंक में लगा दिए हैं। इस बैंक का नाम IDBI बैंक है। सरकार पहले ही 23 हजार करोड़ रुपए IDBI को दे चुकी है फिर भी इस…

चैनल देखना बंद कर दें, ये चुनाव के नाम पर फटे ढोल पीट रहे हैं

मैं एक सामान्य दर्शक की तरह नहीं सोच पाता हूं। नहीं समझ पाता कि एक दर्शक का सामान्य होना क्या होता है। क्यों वह सतही और घटिया कंटेंट देखता है? क्या टीवी ने आपको इतना सामान्य बना दिया है कि…

NRC: अपारदर्शी तंत्र और निरंकुश नौकरशाही के चक्रव्यूह में फंसे गरीबों के बहिष्कार का रजिस्टर

असम में लंबे समय से रहे लोगों को उलझन भरे अपारदर्शी नियमों और बेपरवाह नौकरशाही के जजांल से गुजरकर अपनी नागरिकता साबित करने की मुसीबत आन पड़ी है. यह भारतीय राज्य के सबसे कमजोर लोगों के साथ पिछले दो दशकों…

मायावती की मूर्तियाँ और मान्यवर कांशीराम की वसीयत बनाम मीडिया की नूरांकुश्ती

पिछले साढ़े चार सालों में गोदी मीडिया या एक अलग ही रूप देखने को मिला है। बढ़ती बेरोज़गारी, जोकि बीते चार दशकों में सबसे ज़्यादा है, उस शायद कोई ख़बर ही नहीं है। किसानों की समस्याओं एवं उनकी बढ़ती आत्महत्याओं…

किसके लिए रफाल डील में डीलर और कमीशनखोर पर मेहरबानी की गई – रवीश कुमार

आज के हिन्दू में रफाल डील की फाइल से दो और पन्ने बाहर आ गए हैं। इस बार पूरा पन्ना छपा है और जो बातें हैं वो काफी भयंकर हैं। द हिन्दू की रिपोर्ट को हिन्दी में भी समझा जा सकता…

चौधरी छोटूराम: जिसने आज़ादी से पहले किसान-मज़दूरों के कदमों में सारे हक़ लाकर रख दिए थे

राकेश सांगवान “ खुदा के बन्दे हजारों देखें , बणों में फिरते मारे-मारे मैं तो उसका बंदा बनूँगा जिसको खुदा के बन्दों से होता प्यार “ सैंट स्टीफन स्कूल (दिल्ली) के हॉस्टल में करीब 24 देहाती परिवेश के बच्चे रहते…