लोकवाणी

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बुद्ध पूर्णिमा विशेष: पढ़ें आंबेडकर का लेख, ‘बुद्ध अथवा कार्ल मार्क्स’

लेखक: भीमराव आंबेडकर कार्ल मार्क्स तथा बुद्ध में तुलना करने के कार्य को कुछ लोगों द्वारा एक मजाक माना जाए, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं है। मार्क्स तथा बुद्ध के बीच 2381 वर्ष का अंतर है। बुद्ध का जन्म ई….

राफेल पर नया खुलासा: अम्बानी का 1124 करोड़ हुआ माफ, ‘चौकीदार बड़का चोर है’!

अब रॉफेल में हुए भ्रष्टाचार का केस बिल्कुल क्रिस्टल क्लियर हो गया है। आज सुबह हुए ताजा खुलासे में यह पूरी तरह से स्पष्ट हो गया कि अनिल अंबानी ओर फ्रेंच सरकार के बीच किस तरह का लेनदेन हुआ अब…

जाट और आरएसएस (संघ) का संग? चौधरी छोटूराम ने कैसे संघ की खाट खड़ी कर दी थी

राकेश सांगवान आजकल देश में हर तरफ आरएसएस यानि संघ के चर्चे हैं. आज से कुछ साल पहले तक आरएसएस शहरियों का संगठन कहलाता था, देहात में तो शायद ही इसके बारे में लोग जानते थे, पर अब इससे देहात…

Short (poetic) films: We were seeds

We were seeds is a series of four short (poetic) films with four different issues which are inter-connected to each other. The very first film has Kanupriya, the president of student council, of Panjab University, Chandigarh, as the central figure….

जलियांवाला बाग हत्याकांड के 100 साल पूरे: क्या आज भी काले कानूनों के जरिए जनता का दमन जारी है

आज बैशाखी ही है, 13 अप्रैल 1919 को भी बैशाखी ही थी, जब लोग जलियांवाला बाग में इकट्ठा होकर अंग्रेजी निज़ाम की ज़्यादतियों और काले कानूनों पर चर्चा कर रहे थे। लेकिन अंग्रेजी निज़ाम सत्ता के नशे में चूर था।…

जन्मदिन विशेष: मजदूरों के सफ़दर हाशमी, वो बंजारों सा जी न सके

सफ़दर हाशमी पढ़ना लिखना सीखो: पूछो, मजदूरी की खातिर लोग भटकते क्यों हैं।पढ़ो, तुम्हारी सूखी रोटी गिद्ध लपकते क्यों हैं।पूछो, मां-बहनों पर यों बदमाश झपटते क्यों हैं।पढ़ो, तुम्हारी मेहनत का फल सेठ गटकते क्यों हैं। पढ़ो, लिखा है दीवारों पर…

बेहतर बस सुविधा मांगने पर सीएम सिटी करनाल में छात्रों पर पुलिस ने किया लाठीचार्ज व हवाई फायर

करनाल में आज सैकड़ों छात्र छात्राओं को पुलिस प्रशासन ने हिरासत में ले लिया. आईटीआई के छात्र आईटीआई संस्थान में बसों की मांग कर रहे थे. करनाल में बस के पिछले टायर के नीचे आने से गुरुवार को आईटीआई के छात्र…

न खाऊंगा न खाने दूँगा का नारा झूठा है, असली नारा तो यह है ‘न बताऊंगा न बताने दूँगा’

आप जानते हैं कि कल सुप्रीम कोर्ट के सामने मोदी सरकार के प्रतिनिधि अटॉर्नी जनरल ने क्या कहा? उन्होंने कहा कि ‘मतदाताओं को यह जानने का अधिकार नहीं है कि राजनीतिक दलों के पास कहां से पैसा आ रहा है’….

मुक़ाबला त्रिकोणीय, अब यह बेगूसराय पर निर्भर है कि वह इतिहास को किन हर्फ़ों में लिख पाता है

हेमंत कुमार झा बेगूसराय में 2014 में राजद के तनवीर हसन भाजपा के भोला सिंह से महज़ 50 हजार वोटों से पराजित हुए थे। यह तब हुआ था जब सीपीआई के उम्मीदवार भी मैदान में थे और उन्हें 1 लाख…

रवीश की रिपोर्ट: जब महिलाओं ने कहा, ‘आखिरी बार पानी में जहर मिलाकर दे दो’

प्रवीण रवीश का लाल माइक बिहार के वैशाली जिले के महिसौर गांव में जा पहुंचा. इस देश की हकीकत ऐसे ही गांव बयां करते हैं, जहां आजादी के 72 साल बीत जाने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है….