लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

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इस्लामोफोबिया के कारण कमरा किराए पर न मिलने से हताश एक मुसलमान का अहम खत….

लेखक: इदरीश मोहम्मद Idrish Mohammed एक आदमी की कीमत उसकी तात्कालिक पहचान और नजदीकी संभावना तक सीमित कर दी गयी है, एक वोट तक। आदमी एक आंकड़ा बन कर रह गया है, एक वस्तु मात्र। कभी आदमी को उसके दिमाग…

जन्मदिन विशेष: जब कांशीराम ने कहा, ‘राजपाठ तो बैलेट से ही लेना है, पर तैयारी बुलेट की भी रखनी है’

छोटी-छोटी जातियों में टूटे, हाशिये पर रखे गये दलित, शोषित और पिछड़े समाज को एकजुट करके बहुजन समाज बनाकर, सत्ता पाने का मार्ग दिखाने वाले महानायक मान्यवर साहेब कांशीराम का जन्म 15 मार्च 1934 को पंजाब के रोपड (अब रूपनगर)…

ब्रिज हादसे में 6 की मौत, ब्रिज गिरने या रेल पलटने से हुई मौतों को देखकर हमें गुस्सा क्यों नहीं आता!

गुरुवार रात को मुंबई में छत्रपति शिवाजी टर्मिनस (सीएसटी) रेलवे स्टेशन पर फुटओवर ब्रिज गिर जाने से 6 लोगों की मौत हो गई और 30 के करीब लोग घायल हुए हैं. पिछले 2 सालों से लगातार रेल व फुटओवर ब्रिज…

जन्मदिन विशेष: इरोम शर्मिला जिनके लिए 16 सालों तक भूखी रही उसी जनता ने उन्हें धोखा दिया

साकेत आनंद आज इरोम शर्मिला चानू का जन्मदिन है। इरोम की ज़िंदगी से क्या हमें कुछ मिल सकता है? क्या इरोम हार की निशानी है? क्या इरोम को एक विजेता के तौर पर देखा जाय? इरोम हमें इस दुनिया की…

हैदर से अपनी मौत का इंतक़ाम लेने को कहने वाले इस एक्टर की आज पहली पुण्यतिथि है

“रूहदार…अग़र तुम वाक़ई में बच गए, तो मेरा एक पैग़ाम दे देना, मेरे बेटे हैदर को. उससे कहना कि वो मेरा इंतक़ाम ले….मेरे भाई से. उसकी उन दोनों आंखों में गोलियां दागे, जिन आंखों ने उसकी मां पर फ़रेब डाले…

चीन द्वारा मसूद अज़हर को बचाया जाना मोदी की विदेश नीति की असफलता क्यों नहीं मानी जाए?

एक बार फिर विदेशों में मोदी जी का डंका बजा और ऐसा बजा कि नगाड़ा ही फूट गया ……. जरा याद कीजिए कि पिछली बार साबरमती के तट पर चीनी राष्ट्रपति को कैसे झूला झुलाया जा रहा था. आज जिंग…

जब नेहरू ने कहा कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान के हाथों में खेल रहे हैं हिंदुत्ववादी संगठन

देश में कश्मीर मुद्दे को लेकर एक बार फिर भावनात्मक और उग्र बहस चल रही है. हमने देखा कि कश्मीर में आतंकवादी हमले में जवानों की शहादत के बाद देश के कई इलाकों में कश्मीरियों की पिटाई की गई. इन…

देश की राजनीति पर रणबीर कपूर का घटिया बयान उन्हें कॉरपोरेट का एजेंट साबित करता है

हेमन्त कुमार झा राजनीति के संबंध में रणबीर कपूर के हालिया बयान में आप उन युवाओं में बढ़ती वैचारिक दरिद्रता को महसूस कर सकते हैं जो अपने करियर में सफल हैं लेकिन उनकी आत्मनिष्ठता ने उन्हें जनविरोधी होने की हद…

न नौकरी दी और न नौकरी परीक्षा की ईमानदार व्यवस्था दे सकी मोदी सरकार (SSC CGL2017)

वो जवानी जवानी नहीं जिसकी कोई कहानी न हो। क्रांति फिल्म के एक गाने की यह पंक्ति भारत के युवाओं की शक्ल पर लिखी नज़र आती है। हमारे युवा न अपनी कहानी लिख पा रहे हैं और न कोई उनकी…

औसत, स्टीरियोटाइप को बढ़ावा देने वाला विज्ञापन राजनीतिक विवादों को जन्म दे रहा है

स्टीरियोटाइप में बड़े और अदृश्य खतरे निहित होते हैं. सर्फ एक्सेल विज्ञापन विवाद के संदर्भ में यह लिखना बहुत जरूरी है. एक बच्चा जिसकी उम्र धर्म का ककहरा समझने के लिए बहुत कम है, उसे पजामा-कुर्ता और टोपी पहनाकर दिखाना…