लोकवाणी

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‘सडांध’, माने बास | नाटक पड़ताल

क से भय ‘क से भय’ नाटक 26 मई को जवाहरलाल नेहरु यूनिवर्सिटी के कन्वेंशन सेंटर में मैत्रैयी कॉलेज की थियेटर सोसायटी ‘अभिव्यक्ति’ की छात्राओं द्वारा खेला गया… उस पर मनदीप पूनिया की रपट हिंदी में अभी अच्छे नाटक नहीं…

क्या गन्ना किसानों का गुस्सा बीजेपी को कैराना में ले डूबेगा? मतदान से पहले ग्राउंड रिपोर्ट

‘जब 2014 के लोकसभा चुनाव हुए थे तो ये भाजपा वाले कह रहे थे कि अच्छे दिन आएंगे. मगर भाजपा सरकार बनते ही अच्छे दिन तो गए और बुरे दिन आ गए. मुझे तो लग रहा है अगर भाजपा सरकार…

सरकार बस इतना बता दे कि मैं कहां जाकर मरूं

तारीख 19 मई. हरियाणा के जींद जिले के किसान गजे सिंह जींद प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक द्वारा जारी किए गए उनकी जमीन नीलामी के नोटिस को लेकर परेशान है. बैंक के नोटिस में उसे लगभग 9 लाख रूपए चुकाने की…

कर्नाटक चुनाव में जातीय समीकरण हावी, महिलाएं एक बार फिर हाशिये पर

कर्नाटक चुनाव के परिणामों को दलीय राजनीति के साथ-साथ अगर लैंगिक और जातीय तराजू पर तोलकर देखें तो जातीय पलड़ा भारी और महिलाओं का पलड़ा खाली पड़ा नज़र आता है. परंपरागत रूप से प्रमुख राजनीतिक दलों में प्रतिनिधित्व करते आए…

गन्ना और जिन्ना के बीच फंसे कैराना उपचुनाव में आज प्रचार का अंतिम दिन, महागठबंधन भारी

कैराना का नाम सामने आते ही दिमाग में हिन्दुओं के पलायन का मुद्दा उभरकर आता है. भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को इसके जनक स्वर्गीय सांसद हुकम सिंह की मौत के बाद 28 मई को हो रहे लोकसभा उपचुनाव…