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रिपोर्ट

भारतीय अर्थव्यवस्था वेंटिलेटर पर, 2 मई के बाद पेट्रोल 90 व डीजल 80 रुपये से पार हो जाएगा

आप माने या न माने, लेकिन यह सच है कि भारतीय अर्थव्यवस्था वेंटिलेटर पर आ चुकी है. प्राण अब छूटे कि तब छूटे वाली स्थिति है, कैसे भी बस इसे चुनाव परिणाम तक रोक कर रखने की कवायद है.

इससे कोई फर्क नहीं पड़ने वाला कि सरकार किसकी बनने वाली है क्योंकि अर्थव्यवस्था को अपूरणीय क्षति तो हो चुकी है। ऐसे दसियों तथ्य हैं जो यह संकेत दे रहे हैं कि पानी अब सर के ऊपर से गुजरने वाला है। लेकिन पाकिस्तान, हिन्दू मुसलमान करके असली बातों से ध्यान हटाया जा रहा है और जनता भी मगन दिखाई दे रही है..

भारत की अर्थव्यवस्था को अब अंतिम झटका लगने वाला है क्योंकि कल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने भारत सहित आठ देशों को ईरान से तेल आयात करने में मिली छूट को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है। पिछले साल अक्टूबर में ही यह छूट खत्म की थी लेकिन तब इसे 6 महीने के लिए बढ़ा दिया। इससे मोदीं सरकार को 6 महीने के लिए संजीवनी मिल गयी थी लेकिन अब परीस्थितियों कंट्रोल के बाहर हो गयी है। कल अंतर्राष्ट्रीय बाजार में सोमवार को ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव 74 डॉलर के ऊपर चला गया है।

मोदी सरकार ने चुनाव में नुकसान न हो इस चक्कर मे पेट्रोल डीजल की कीमत को बढ़ने नहीं दिया। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार मे कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ती गयी।

1 जनवरी 2019 को बेंट क्रूड के दाम 53.80 डॉलर प्रति बैरल थे, ओर 1 जनवरी 2019 को पेट्रोल 68.65 प्रति लीटर ( दिल्ली ) मिल रहा था।

अब आज की कीमतों पर नजर डालिए। 23 अप्रैल 2019 को सुबह बेंट क्रूड 74.50 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया लेकिन 23 अप्रैल 2019 को दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 72.95 रुपये बनी हुई है। यानी सिर्फ चार महीने 23 दिन में कच्चे तेल की कीमत 21 डॉलर बढ़ी है लेकिन पेट्रोल की कीमत सिर्फ 5 रुपये ही बढ़ी है।

साफ है चुनाव सामने देखकर कीमत नहीं बढ़ाई गई है जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में 1 जनवरी से अब तक क्रूड की कीमतों में 35.43 फीसदी इजाफा हो चुका है.

अब इस ईरान संकट के मद्देनजर क्रूड के दाम 10 डॉलर ओर बढ़ने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। 2 मई को अमेरिका द्वारा दी गयी छूट समाप्त हो रही हैं। भारत में 2 मई के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम 80 रूपये प्रति लीटर ओर चुनाव के बाद यह दाम 90 रुपये के ऊपर होंगे।

इन दामों के बढ़ने से देश मे महंगाई हर रिकॉर्ड तोड़ देगी, क्रूड की कीमतें बढ़ने से देश का करंट अकाउंट डेफिसिट (CAD) बढ़ेगा. अर्थव्यवस्था पहले से ही संकट में है यह झटका निर्णायक होगा।

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