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फैक्टचेक: कांट-छांट कर बनाया गया है रवीश कुमार का भ्रामक वायरल वीडियो, ये है सच्चाई

कल से रवीश कुमार का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रही है. इसमें 27 फरवरी 2013 और 2019 के प्राइम टाइम के एक वीडियो को क्लब करके बनाया है. दिखाने की कोशिश की जा रही है कि 2013 में जीडीपी गिरने पर रवीश यूपीए का पक्ष ले रहे थे और अब वो सरकार को कोस रहे हैं.

इस वीडियो में 27 फरवरी 2013 के प्राइम टाइम की क्लिप को बदमाशी करने के लिए काट दिया गया है. इस मामले की जांच करने के लिए हमने 27 फरवरी 2013 के प्राइम टाइम के वीडियो को पूरा देखा तो पता चला कि इंट्रो का लगभग 20 सेकंड का वीडियो काटकर शेयर किया जा रहा है, जिसमें आगे-पीछे का पूरा संदर्भ गायब है। दक्षिणपंथी रुझान वाले पेज ‘POLITICAL KIDA’ और ‘THE FRUSTRATED INDIAN’ नामक पेज ने इसे सबसे पहले शेयर किया था, जिसके बाद मोदी समर्थित अनेक पेजों ने इस वीडियो को शेयर किया है। दक्षिणपंथी पत्रकार भी इस वीडियो को खूब शेयर कर रहे हैं..

अगर किसी पार्टी के समर्थक होने के चलते आपने भी वो वीडियो शेयर किया है तो ये वीडियो जरूर देखें और अपने अंदर झांके. जिस समय नेताओं की निष्ठा पर सवाल उठाना चाहिए तब आप उस पत्रकार की निष्ठा पर सवाल उठा रहे हैं जो आज भी नौकरी, अर्थव्यवस्था, भ्रष्टाचार, महंगाई और शोषण के खिलाफ बोल रहा है. जो सही को सही और गलत को गलत बताने की हिम्मत कर पा रहा है. 6 सितंबर को रवीश को मैग्सेसे पुरस्कार मिलने वाला है. उससे पहले उन्हें डिसक्रेडिट करने की ये आखिरी कोशिश लग रही है.

इस पूरे वीडियो को यहां देख सकते हैं

धड़ाधड़ शेयर हो रहे वीडियो की चालाकी पर पत्रकार सर्वप्रिया सांगवान कहती हैं, “एक सचेत और अच्छे नागरिक का कर्तव्य है कि वो पहले तथ्य जाँच ले. मुझे 5 मिनट भी नहीं लगे ये वीडियो खोजने में. कुछ लोग किसी पेज का काँट-छाँट वीडियो शेयर कर रहे थे तो मैंने निकाल लिया पूरा वीडियो. जीडीपी और अर्थव्यवस्था पर जो बात 2019 में बतायी जा रही है, आप 2013 के इस प्राइम टाइम में सिर्फ़ शुरू के 2 मिनट ही देख लें, वही बात सुनाई देगी. अगर हम ख़ुद ही कोई ग़लत जानकारी या तोड़ मरोड़कर जानकारी देते हैं तो अपनी विश्वसनीयता ही खोते हैं. हालाँकि मुझे लगता नहीं कि बहुत लोगों को इस बात से फ़र्क़ पड़ता है. और हाँ, जो पत्रकार लोग ग़लत चीज़ शेयर कर रहे थे. प्लीज़ आप कुछ और काम खोज लें, ये लाइन आपके बस की नहीं. जैसा कि रवीश कुमार ने कहा, अपने values बचाए रखना मुश्किल होता है.”

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