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रिपोर्ट

दूसरा चीट फंड घोटाला होने जा रहा है, इस बार नंबर LIC का है

उज्ज्वल कुमार

LIC ने 13 हज़ार करोड़ आम जनता के पैसे एक डूबते बैंक में लगा दिए हैं। इस बैंक का नाम IDBI बैंक है। सरकार पहले ही 23 हजार करोड़ रुपए IDBI को दे चुकी है फिर भी इस बैंक की हालत बहुत खराब है। यब बैंक बंद होने के कगार पर है। इस बैंक का डूबने से कोई नही बचा सकता। हम लोगों को झांसा दिया जा रहा है कि IDBI बैंक अब LIC IDBI बैंक के नाम से जाना जाएगा।

मामला यह है कि IDBI से कुछ चोर टाईप कंपनियों ने लोन लेकर मजे किए। जब लोन नहीं वापस आया तो बैंक घाटे में चला गया। अभी भी भारी मात्रा में कर्ज बाज़ार में है। उसको वसूलने की हिम्मत भारत सरकार में नहीं बची।

सरकार की नज़रें अब LIC पर टिकी हैं। इसमें जनता का मोटा रुपया जमा हो गया है। इसलिए इसको अब दांव पर लगाया जा रहा है।

यह महाभारत के जुए की तरह है। इसमें जनता ठगी जाएगी और झूठे और लुटेरी कंपनियां भारी लाभ कमा लेंगी।

LIC ने पहले ही IL& FS नाम की कंपनी में लगभ 23 हज़ार 500 करोड़ रुपए लगा दिए हैं जो इस कंपनी के कुल निवेश का 25% है।

आपको यह जानकरी रखनी होगी IL&FS के जब घाटे की बात सामने आई थी तब बहुत कोहराम मचा था तत्काल रिजर्व बैंक और सेबी ने साझा कदम उठाते हुए इस कंपनी को दिवालिया होने से बचाया था। मगर अभी हालत यह है कि इस कंपनी के घाटा को नहीं पाटा जा सका है।

हम सब को यह सवाल उठाना चाहिए कि आखिर सरकार और LIC के आला अफसर क्यों एक के बाद एक डूबती कंपनियों में रुपये निवेश कर रहे हैं।

IRDA के चीफ सुभाष चन्द्र खूंटिया ने LIC को यह चेतावनी दी है कि IDBI बैंक से शेयर 51% से घटा कर 15 % से कम पर ले आएं। मामला बहुत जटिल होता जा रहा है। LIC में जिन लोगों ने भी रुपए निवेश किये हैं वो इन खबरों पर ध्यान दें और सरकार और कंपनी पर दबाव बनाएं कि हमारी मेहनत की गाढ़ी कमाई को यूं ही किसी दिवालिया होने के कगार पर खड़ी कंपनी में निवेश न किया जाएं।

उज्ज्वल सामाजिक आंदोलनों में सक्रिय हैं। अभी किसानों और युवाओं के मुद्दों पर काम कर रहे हैं।

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