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रिपोर्ट

शेयर बाजार में 5 लाख करोड़ की चपत

सरकार ने अपने बजट पर अपनी मेज ठोंकी, फिर अपनी पीठ ठोंकी लेकिन बाजार वालों का कहना है कि सरकार ने बेकार बजट पेश करके बाजार को ही ठोंक दिया है.

शेयर बाजार में निवेश करने वालों को 5 लाख करोड़ की चपत लग गई. सरकार कह रही है कि भारत अगले पांच साल में भारत 5 लाख करोड़ की इकॉनमी बनेगा. यह पांच लाख करोड़ एक दिन में डूब गया.

शेयर बाजार में आज रिकॉर्ड स्तर की गिरावट हुई. ऐसा निवेशकों के पीछे हटने के कारण हुआ है. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड सभी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटलाइजेशन) सोमवार को 11:40 बजे तक घटकर 148.43 लाख करोड़ रुपये हो गया जो शुक्रवार को 153.58 लाख करोड़ रुपये था.

सरकार की नई घोषणाओं से विदेशी निवेशकों में निराशा है. जानकार कह रहे हैं कि ‘देश की सुस्त पड़ी आर्थिक वृद्धि को दोबारा गति देने के उपाय बजट में नहीं किए गए. इसी ने मुख्य रूप से बाजार को झटका दिया.’

अब सवाल है कि शेयर बाजार में निराशा का यह ट्रेंड सुधरेगा या आगे अभी और नुकसान कराएगा?

यह दो दिन में हुआ है. बजट पेश होने के बाद आवारा पूंजी वाले शेयर बाजार में निराशा बताई जा रही है. शेयर साल की अधिकतम गिरावट पर पहुंच गया है.

ऑटो सेक्‍टर के शेयर 3 साल के न्यूनतम स्तर पर हैं. दो दिन में 5 लाख करोड़ से अधिक की गिरावट आई है.

सरकार ने बजट में लक्ष्य तय किया कि 2024 तक देश को 5 लाख करोड़ की इकॉनमी बना देंगे. बजट ने बाजार को इतना निराश किया कि इतनी रकम दो ही दिन में डूब गई.

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