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पर्यावरण दिवस विशेष: इक्कीसवीं सदी का पर्यावरण – खतरे में जीवन

लेखक: गरिमा भाटिया कैसे निपटा जाए इक्कीसवीं सदी के कचरे से? पिछले कुछ वर्षों से निश्चित रूप से पर्यावरण के बारे में जागरुकता काफी बढ़ी है और यह शुभ संकेत है – विशेषकर भारत जैसे आबादी बहुल देश के लिए,…