लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Anurag anand lokvani.in

पत्रकारिता के नाम पर मुझसे औरतों, विपक्षी दलों और मुसलमानों के खिलाफ़ खूब नफ़रत फैलवाई गई

अनुराग आनंद सोचा था नहीं लिखूंगा लेकिन ऑपइंडिया में काम करने वाले कुछ दो कौड़ी के दलालों ने लिखने के लिए मजबूर किया। ऑपइंडिया में मैंने एक महीने कुछ दिन काम किया था। मैंने यहाँ सिर्फ इसलिए ज्वाइन किया था…