लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

aye ladki

ऐ लड़की: तुम्हें लिखता-पढ़ता, आगे बढ़ता देखकर मर्दवादी अहंकार जहरीली फुंकारे क्यों मारने लगता है

ऐ लड़की, तुम्हारे विचार मायने नहीं रखते, मैं कहता हूं तुम्हारे पास अपने विचार हो ही नहीं सकते। अगर तुम्हारे पास विचार हैं भी तो वे ज़रूर किसी मर्द साथी से ही प्रभावित होंगे। अगर तुम वामपंथ, समाजवाद, मार्क्सवाद और…