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टाटा मोटर्स की 30 स्टील कंपनियों पर लगा ताला, मंदी की मार से लाखों मज़दूर हुए बेरोजगार

सरकार कुछ भी दावे कर ले, लेकिन देश भर में अब मंदी का असर साफ तौर पर दिखने लगा है। सच्चाई यह है कि मंदी की चपेट में आने से देश की करीब 30 स्टील कंपनियों पर ताला लग चुका है।

वहीं दूसरी तरफ टाटा मोटर्स के जमशेदपुर स्थित प्लांट में उत्पादन भी ठप कर दिया गया है।

वीरवार को झारखंड में जमशेदपुर के आदित्यपुर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित 12 स्टील कंपनियों पर लॉकआउट कर दिया गया है।

खबर यह है कि जल्द ही 30 अन्य कंपनियां भी मंदी का शिकार होने वाली हैं। जबकि इनमें से दर्जनों भर कंपनियों पर वीरवार को ही ताला लगा चुका है।

ये सभी कंपनियां टाटा मोटर्स को गाड़ियों के कई पार्ट्स सप्लाई करती हैं।

आपको बता दें कि जमशेदपुर में करीब एक हजार स्टील कंपनियां हैं। मंदी और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते 30 हजार लोगों की नौकरी पर संकट आ गया है।

अगर स्थिति में आने वाले दिनों में सुधार नहीं हुआ तो इन कर्मचारियों के परिवार पर भी असर पड़ने की संभावना है।

लगातार चौथी बार हुआ उत्पादन ठप्प

गौरतलब है कि देश भर में वाहनो की बिक्री में भारी कमी आने से तमाम ऑटो सेक्टर कंपनियों की स्थिति बदतर होती जा रही है।

मंदी के चलते कई कंपनी मालिको ने बड़ी संख्या में छंटनी करना शुरू कर दिया है। जिसमें मारूती सुजकी ने अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती करने का फैसला लिया है।

वहीं इसका असर टाटा मोटर्स पर भी देखने को मिला जिस कारण कंपनी ने पिछले महीने से लगातार चौथी बार अपने उत्पादन को ठप कर दिया है।

इस बार कंपनी ने गुरुवार से लेकर के शनिवार तक उत्पादन को बंद किया है। वहीं कंपनी में रविवार को छुट्टी रहती है।

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार कंपनी ने कर्मचारियों की संख्या में 6 फीसदी कटौती कर दी है।

मंदी की आड़ में गई 10 लाख नौकरियां

कंपनी ने अपने परमानेंट कर्मचारियों से पहले ठेका कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखाते हुए छंटनी शुरू कर दी है। 18845 कर्मचारियों में से 1181 कर्मचारियों की सेवाओं को खत्म कर दिया गया है।

हाल ही में मंदी की आड़ में ऑटो पाटर्स इंडस्ट्री ने करीब 10 लाख से अधिक कर्मचारियों की छंटनी कर दी है।

आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2018 की दूसरी तिमाही में गाड़ियों की बिक्री में कमी होना शुरू हो गया था।

पिछले साल फेस्टिव सीजन में कंपनियों को उम्मीद थी कि बिक्री का आंकड़ा बढ़ेगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

दिसंबर से लेकर जून तक कंपनियों का स्टॉक पहले की तरह पड़ा हुआ है। कंपनी की सबसे ज्यादा बिकने वाली ऑल्टो और वैगन-आर भी गिरती बिक्री को रोक नहीं पाई बल्कि यह खुद मंदी का शिकार हुई।

कर्मचारियों को 12 दिन की छुट्टी

मंदी की मार सबसे अधिक ठेका कर्मियों पर पड़ रही रहे जिसके चलते कंपनी ने 1000 ठेके कर्मचारियों को महीने में 12 दिन काम पर आने से मना कर दिया है।

जबकि नियमित कर्मचारी पांच अगस्त से नौकरी पर फिर से आएंगे। पिछले दो महीने से कंपनी में केवल 15 दिन काम हो रहा है।

साभार: वर्कर्स यूनिटी

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