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एलियट अब्राम्स वेनेजुएला में लोकतंत्र का दूत नहीं, बल्कि अमेरिकी तेल कंपनियों का दलाल है!

अमेरिका वेनेजुएला में डेमोक्रेसी लाना चाहता है. ऐसा वो वहां के न्यायसंगत तरीके से चुने गए राष्ट्रपति को हमेशा-हमेशा के लिए हटाकर करना चाहता है. इसकी जिम्मेदारी अमेरिका ने एलियट अब्राम्स को सौंपी है. एलियट अब्राम्स नियो लिबरल लुटेरों का चहेता है. नियो लिबरल लुटेरे एलियट अब्राम्स को मानवता का सबसे बड़ा रक्षक बताते हैं. लेकिन इतिहास कुछ और ही कहता है. इतिहास एलियट अब्राम्स को मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन और नराधम पापी सिद्ध करता है. एलियट अब्राम्स के हाथों पर लैटिन अमेरिका के लाखों निर्दोषों का खून है. उसी लैटिन अमेरिका का जहां समय-समय पर अमेरिका ने अपना तथाकथित जनतंत्र स्थापित करना चाहा है. खैर, एलियट अब्राम्स के इतिहास पर एक नजर डालते हैं.

एलियट अब्राम्स 80 के दशक से अमेरिकी प्रशासन के उच्च पदों पर काबिज रहा. 1980 में जब रोनाल्ड रीगन के समय ईरान-कॉंन्ट्रा अफेयर हुआ तो एलियट अब्राम्स को उस समय कोल्ड वार हीरो कहा गया. ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिका ने गैरकानूनी तरीके से ईरान के कट्टर दक्षिणपंथियों को हथियार बेचे और इनका प्रयोग निकारगुआ में करीब 50 हजार निर्दोष लोगों को मारने में हुआ. इस पूरे मामले में एलियट अब्राम्स को दोषी भी पाया गया. लेकिन जार्ज एच डब्ल्यू बुश ने उसे दोषमुक्त कर दिया. एलियट अब्राम्स जब इस मामले में दोषी सिद्ध हुआ था तो उसका कहना था कि इतिहास में ईरान के लड़ाकों को विजेताओं की तरह जाना जाएगा. लेकिन आज उन्हें केवल कट्टरपंथी हत्यारों की तरह ही जाना जाता है.

कमाल की बात है कि एलियट अब्राम्स को रीगन और बुश दोनों के ही शासनकाल में मानवाधिकारों की रक्षा करने वाले विभिन्न पदों पर नियुक्ति मिली. लेकिन काम उसने हमेशा इसके विपरीत ही किया. ये काम था अमेरिकी आर्थिक मॉडल को नकारने वाले देशों में नृशंस हत्यायें करवाना और जनतांत्रिक तरीके से चुने गए नेताओं का तख्तापलट करना. इसकी शुरुआत एलियट अब्राम्स ने निकारगुआ से की . आगे तो इससे भी भयावह जनसंहारों को उसने अंजाम दिया.

रीगन के कहने पर उसने अल साल्वाडोर में 70 हजार लोगों को मौत के घाट उतारा. इसके लिए उसने डेथ स्कावड्स का गठन किया. 1981 में एल मोजेटो शहर में जनसंहार हुआ. एक ही दिन में करीब 800 निर्दोषों को मार दिया गया. हत्यारे आते थे. बच्चों की भीड़ में से एक बच्चा उठाते थे. उसे हवा में उछालते थे और जब वो नीचे गिरता था तो उसके शरीर में भाला घोंप देते थे. इस तरह एलियट अब्राम्स उस समय मानवाधिकारों की रक्षा करता था. अल साल्वाडोर में किए गए इस भयावह नरसंहार को एलियट अब्राम्स ने रोनाल्ड रीगन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है.

1983 में एलियट अब्राम्स ने बताया कि ग्वाटेमाला में अमेरिका समर्थित तानाशाह इफ्रेन रियोज ने देश में मानवाधिकारों के संरक्षण को लेकर काफी प्रगति की है. यह वही तानाशाह इफ्रेन रियोज था जिसे इस अपराध के लिए दोषी ठहराया गया था कि उसने एक युद्ध के दौरान जनसंहार करके ग्वाटेमाला के करीब 2 लाख निर्दोष लोगों को मार दिया. हालांकि, बाद में उसे भी दोषमुक्त कर दिया गया. दोबारा सुनवाई पूरी होने से पहले ही वो मर गया. बाद में पता चला कि जिस युद्ध के दौरान ये जनसंहार हुआ उसे अमेरिका ने ही जानबूझकर शुरू किया था. 1954 में अमेरिका ने ग्वाटेमाला के जनतांत्रिक तरीके से चुने गए राष्ट्रपति जैकब आरबेंज को सत्ता से हटा दिया. जैबक की गलती बस इतनी थी कि उन्होंने अमेरिका के लुटेरे कॉरपोरेट हितों को ग्वाटेमाला में साधने से साफ मना कर दिया था.

1980 में CIA की 3-16 बटालियन ने होंडुरास में वामपंथियों की निर्मम हत्या की. इसे सो काल्ड मार्गदर्शन देने का श्रेय भी एलियट अब्राम्स को दिया जाता है. होंडुरास के दक्षिणपंथियों ने जब इन निर्मम हत्याओं पर ठहाके लगाए और एलियट अब्राम्स को धन्यवाद ज्ञापित किया तब एलियट अब्राम्स ने खुशी-खुशी इसे स्वीकारा. यहां यह याद रखा जाए कि एलियट अब्राम्स इस समय मानवाधिकारों की रक्षा करने के तौर पर तैनात था.

एक ऐसे समय में जब अमेरिका का कॉरपोरेट मीडिया निकोलस मादुरो को एक निर्मम तानाशाह के रूप में पेश कर रहा है, उस समय इस इतिहास को याद रखना बहुत जरूरी है. एलियट अब्राम्स को वेनेजुएला में प्रजातंत्र स्थापित करने के लिए एन्वॉय नियुक्त करते वक्त अमेरिकी स्टेट सेक्रेटिरी माइक पोंपियो ने मादुरो को एक ऐसा क्रूर तानाशाह बताया है, जिसकी क्रूरता से बचने के लिए वेनेजुएला के लाखों लोगों को शरणार्थी बनने के लिए मजबूर होना पड़ा है. ये बात उस साम्राज्यवादी अमेरिका की तरफ से कही गई है जिसने सालों साल तक लैटिन अमेरिका में खुद के खड़े किेए तानाशाहों का समर्थन किया है. इस साम्राज्यवादी अमेरिका को आज वेनेजुएला की फिक्र सता रही है. लेकिन सालों साल तक इसने लैटिन अमेरिका में चुने हुए नेताओं को हटाने के लिए हिंसा और अस्थिरता को जन्म दिया है. इस पूरी प्रक्रिया में लाखों निर्दोष मारे गए हैं और लाखों शरणार्थी बनने को मजबूर हुए हैं. इन सबके लिए अमेरिका ने आज तक माफी नहीं मांगी है.

एलियट अब्राम्स ने ईराक में अमेरिका द्वारा मचाई गई तबाही का खुला समर्थन किया है. उसने अरब नागरिकों पर इजराइल द्वारा की गई ज्यादितियों को जायज ठहराया है. 2002 में अमेरिका ने वेनेजुएला के महान नेता ह्यूगो चावेज को सत्ता से हटाने का प्रयत्न किया था. इसमें एलियट अब्राम्स का नाम सामने आया था. ह्यूगो चावेज लैटिन अमेरिका में अमेरिकी साम्राज्यवादी हितों की राह में फिदेल कास्त्रो के बाद सबसे बड़े कांटे थे. इन सब बातों से साफ पता चलता है कि एलियट अब्राम्स का किसी भी तरह से स्वतंत्रता और मानवाधिकारों से दूर-दूर का कोई नाता नहीं है. बल्कि वह तो इन मानवतावादी मूल्यों के विपरीत में खड़ा है. असल में वेनेजुएला में मादुरो के विपक्ष में खड़े दक्षिणपंथी और स्वघोषित अंतरिम राष्ट्रपति जुआन ग्वाइडो ने वादा किया है कि सत्ता में होने पर वह वेनेजुएला में विदेशी तेल कंपनियों को खुली छूट देगा. सबको पता है कि वेनेजुएला में इस समय विश्व का सबसे बड़ा तेल रिजर्व है. इसलिए अमेरिकी कॉरपोरेट्स की नजर केवल तेल की लूट पर है. ट्रंप और समूचा अमेरिकी प्रशासन इन कॉरपोरेट्स का गुलाम है. मालिक ने अपने गुलाम की सहायता से इस लूट के लिए तैयार की जा रही योजना को मानवता को बचाने के पुनीत कार्य की योजना में तब्दील कर दिया है.

खैर, एलियट अब्राम्स से जब उसके इतिहास के बारे में पूछा गया तो उसने कहा कि वो इतिहास की जगह वर्तमान पर ध्यान देना पसंद करेगा. एक तरीके से उसने अपने भयावह इतिहास को छुपाने की कोशिश की. लेकिन इतिहास की यही खूबसूरती है कि वो समय-समय पर आतताइयों को नंगा करता रहता है. एलियट अब्राम्स भी एक आतताई ही है.

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