लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

Dheeresh Saini

7 केसों में आरोपी व सांप्रदायिक नफरत फैलाने वाले प्रताप षडंगी सादगी की मूरत कैसे हुए?

षंड़गी 2002 में अयोध्या मंदिर मांग को लेकर ओडिशा विधानसभा में घुसकर तोड़फोड़ मचाने के लिए 2002 में दंगा आरोपी के बतौर गिरफ्तार भी हुए थे. उन पर सात आपराधिक मामले हैं, जिनमें से दो 153A यानी मज़हबी/जातीय/भाषाई आधार पर विभाजन की कोशिश के हैं।

रोहतक में नरेंद्र मोदी: ‘बदले-बदले मेरे सरकार नज़र आते हैं’

धीरेश सैनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2014 के हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान हुई रोहतक रैली से उनकी कल की लोकसभा चुनाव प्रचार के तहत रोहतक में हुई रैली से तुलना करें तो उस मशहूर गीत के मुखड़े के शेर…

समझौता एक्सप्रेस: न्याय की गाड़ी पटरी से कैसे उतरी?

`हालांकि ऐसा हो सकता है कि उनका मामला लंबा खिंचे लेकिन उन्हें जरूर रिहा कर दिया जाएगा।“द कैरवैन` में फरवरी 2014 में छपी लीना रघुनाथ की स्टोरी के मुताबिक असीमानंद ने उनके साथ इंटरव्यू में आतंकी गतिविधियों में अपनी संलिप्तता…

कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में छात्र नेताओं का आजीवन निष्कासन, आंदोलित छात्रों की हालत गंभीर

जेएनयू तो खास निशाने पर है ही, बाकी विश्वविद्यालयों में भी प्रतिरोध की हर आवाज़ के दमन के अभियान जारी हैं। हरियाणा की कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (केयू) में छात्रों की मांगों के लिए आंदोलन करने का सिला छात्र नेताओं के आजीवन…

आपका हीरो कौन है-भगत सिंह या नरेंद्र मोदी?

(यह लेख उन आम नवयुवकों के लिए है जो अज्ञानतावश भगत सिंह और नरेंद्र मोदी दोनों की तस्वीरें चिपकाए हुए हैं। भगत सिंह का रास्ता मोदी के रास्ते से संघर्ष का रास्ता है, शायद यह पढ़कर उन्हें मोटे तौर पर…

कॉमरेड आर. बी. मोरे: वह नेता जिसे डॉ आंबेडकर सच्चा कम्युनिस्ट मानते थे

कॉमरेड आर. बी. मोरे के बारे में मुझे अभी दो-चार दिन पहले सुभाष गाताडे की किताब चार्वाक के वारिस पढ़ते हुए पता चला। गाताडे ने उन्हें कम्युनिस्ट आंदोलन की उन ज़रूरी आवाज़ों के रूप में याद किया है जो मार्क्सवादी…

बनारस के सीवर में मारे गए दलितों की मौत पर प्रधानमंत्री, नेता और देशभक्त एंकर क्यों चुप हैं?

बीती 1 मार्च को उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सीवर पाइप लाइनों की सफाई के लिए टैंक के अंदर उतरे दो सफाई कर्मचारियों की मौत हो गई. यह घटना इलाहाबाद कुम्भ में प्रधानमंत्री मोदी के सफाईकर्मियों के पैर धोने के…

ओले गिरने पर दिल्ली की तुलना शिमला-मसूरी से करने वालों ये ओले किसानों के लिए काल हैं

नोएडा की ओलावृष्टि की जो तस्वीरें वायरल हो रही हैं, डराने वाली हैं। ओलों का मतलब फसलों की, मतलब किसानों की पिटाई। किसी आश्रयहीन रास्ते में ओलों के बीच फंस जाने वाले व्यक्ति और पशु-पक्षियों के लिए भी स्थिति भयावह…

नफ़रत के पुतले

आप दलितों के प्रति इतनी नफ़रत कहाँ संभाल कर रखते हैं जो आपके लेखक वगैराह हो जाने के बावजूद बरक़रार रहती है और आपकी सारी स्मार्टनेस उसे छुपा नहीं पाती? आप उसे छुपाना भी कहां चाहते हैं? फिलहाल मैं यह…