लोकवाणी

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कला एवं साहित्य

बाबा नागार्जुन जन्मदिन विशेष: युगों का यात्री और हमारा आधुनिक कबीर

आज जनकवि बाबा नागार्जुन का जन्म दिन है. हिन्दी कविता के आधुनिक कबीर, जनकवि नागार्जुन 1911 में बिहार के दरभंगा जिले के तरौनी गांव में जन्मे और उन्होंने गांव से निकल कर देशभर में खूब यायावरी की, अनेक जनांदोलनों में उन्होंने…

लघुकथा: अल्लाह करे तुम सबकी ‘लिंचिंग’ हो जाए

असग़र वजाहत बूढ़ी औरत को जब यह बताया गया कि उसके पोते सलीम की ‘लिंचिंग’ हो गई है तो उसकी समझ में कुछ न आया। उसके काले, झुर्रियों पड़े चेहरे और धुंधली मटमैली आंखों में कोई भाव न आया। उसने…

#KabirSingh: ‘रेप की कोशिश’ करने वाला हीरो कैसे बना?

 सिन्धुवासिनी “अगर वो मेरी नहीं हुई तो उसे किसी और की नहीं होने दूंगा.” “और अगर तेरी हो गई तो सबकी होने देगा?” हाहाहहाहाहा! ‘जोक’ पढ़ लिया, अब आगे पढ़िए. वैधानिक चेतावनी: इस फ़िल्म की शूटिंग के दौरान किसी महिला…

सुरजन: सफर 1947 शेखुपुरा से करनाल

                     इतिहास हमें जहां जीवन में एक अच्छा और मजबूत बनाने की शिक्षा देता है, वही ये भी सिखाता है कि हम कोई ऐसी गलती ना दुबारा ना दोहराएं जो हमारे,…

जन्मदिन विशेष: नरगिस को भारतीय सिनेमा का चांद कहें या सूरज या भारतीय सिनेमा की सम्पूर्ण अभिनेत्री

सुनील दत्ता ———————————–पंक्षी बनू उडती फिरू मस्त गगन आज नया राग हूँ दुनिया के चमन में कजरारी आँखों में सम्पूर्ण भाव अभिव्यक्ति के साथ मोहक अंदाज में अपनी मुस्कान लिए हिंदी सिनेमा की एक दिलकश व निराली व्यक्तित्व की मलिका…

प्रेस क्लब का दारोगा

चंद्र प्रकाश झा हिन्दुस्तान के किसी सूबे की राजधानी में कभी किसी राष्ट्रीय समाचार संस्थान के एक ब्यूरो प्रमुख थे. सब उन्हें ठाकुर साहिब कहते थे. वह उस संस्थान के किसी जिले के अंशकालिक संवाददाता के काम से उसके राज्य…

शमशेर बहादुर सिंह: सरकारें पलटती हैं जहाँ हम दर्द से करवट बदलते हैं !

आज हिंदी के इस अनूठे कवि शमशेर बहादुर की बरसी है। नामवर सिंह ने उन्हें ‘सुंदरता का कवि’ और मलयज ने ‘मूड्स के कवि’ कहा था। लेकिन वे इन सबसे बहुत अधिक थे। शमशेर बहादुर सिंह 13 जनवरी 1911 -12…

यात्रा वृतांत: मैं जिसे पागल शराबी समझ रही थी, वह गहरे दुःख में डूबा हुआ पिता और प्रेमी था

Savita G Jakhar ये महज़ फोटो नहीं है…. एक सबक़ है, जो एक अजनबी से मुझे मिला, जो मुझे बार-बार याद दिलाता है की किसी को कऱीब से जाने बिना जज़ करना बेवकूफ़ी ही नहीं सामने वाले के साथ नाइंसाफ़ी…

नहीं रहे कवि, गद्यकार, चित्रकार कॉमरेड हरिपाल त्यागी, वे हमेशा याद आते रहेंगे!

कात्यायनी 1 मई यानी मज़दूर दिवस के दिन हमलोगों के पुराने दोस्त, चित्रकार-कवि कामरेड हरिपाल त्यागी ने हमलोगों से हमेशा के लिए विदा ले ली। हरिपाल त्यागी से मेरा करीब तीस वर्षों का परिचय था और २५ वर्षों से तो…

रोहतक से भाजपा के उम्मीदवार अरविंद शर्मा तिकड़मबाजी में दूसरे भजनलाल हैं!

डॉ सतीश त्यागी डॉ अरविन्द शर्मा ने रोहतक से भाजपा का टिकट हासिल कर यह तो साबित कर दिया कि वे तिकड़म के मामले में भजनलाल से कम नहीं हैं. चलिए उनके राजनीतिक जीवन के विषय में जान लें. यह…