लोकवाणी

मुख़्तलिफ़ आवाज़, निगाह और विचार

इतिहास

तथाकथित महान संस्कारों की असलियत यही है कि भ्रष्टाचार हमारे समाज की रग-रग में दौड़ता है

प्रेम शुक्ल फ़तेहपुर सीकरी गया तो क़िले का अस्तबल दिखाते हुये गाइड बताने लगा कि यहाँ से ही सबसे पहले अकबर ने घोड़ों पर मुहर लगाने की शुरुआत की थी। वज़ह पूछने पर वो इससे ज़्यादा कुछ नहीं बता पाया…

हरियाणा का राजनीतिक सफरनामा: हरियाणा के चौधरियों की धक्का पेल!

हरियाणा का एक स्कूल. स्कूल की एक क्लास. क्लास में बच्चे. किस्सा यों है कि डारविन की थ्योरी पढ़ाकर छात्रों को सामाजिक विज्ञान का विधाता बनाने का प्रण लिए बैठे एक मास्टर ने क्लास में घुसते ही सबको बड़े उत्साह…

कभी वामपंथ के सहारे हक़ और अधिकार प्राप्त करने वाला मध्यवर्ग 21वीं सदी में वामपंथ विरोधी कैसे बना?

जब पेट पर लात पड़ने का डर सामने आ खड़ा होता है तो पहली चीज जो याद आती है, वह है एक कर्मचारी के रूप में अपने अधिकार और उसके बाद जो चीज याद आती है वह है वामपंथ, जिसकी…

हरिशंकर परसाई का गांधी के नाम लिखा हुआ एक खुला खत, जिसमें उन्होंने सभी की पोल खोल दी थी

हरिशंकर परसाई यह चिट्ठी महात्मा मोहनदास करमचंद गाँधी को पहुंचे. महात्माजी, मैं न संसद-सदस्य हूँ, न विधायक, न मंत्री, न नेता. इनमें से कोई कलंक मेरे ऊपर नहीं है. मुझमें कोई ऐसा राजनीतिक ऐब नहीं है कि आपकी जय बोलूं….

हिटलर-मुसोलिनी की दोस्ती की कहानी: इतिहास ने दो तानाशाहों की दोस्ती कुछ ऐसे दर्ज की

नितिन ठाकुर आइए आज आपको दो ऐसे दोस्तों की छोटी सी कहानी सुनाता हूं जो इतिहास में दर्ज हो चुकी है। दोनों ही अपने देश में लोकप्रियता का चरम पाकर लोकतंत्र को भूल गए थे। दोनों ही ने अपने देश…

महात्मा गांधी: भारत तभी आजाद होगा जब उसके एक-एक आदमी का डर खत्म हो जाएगा

‘गांधीजी’ शब्द मैंने पहली बार कब सुना, यह बता पाना नामुमकिन है. जैसे कि और भी बहुत सी संज्ञाओं के बारे में मैं ठीक-ठीक नहीं बता सकता कि वे पहली बार कब मेरे स्मृतिपटल पर अंकित हुईं. यानी मेरे लिए…

भारत छोड़ो आंदोलन में आरएसएस के डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी की भूमिका

गोपाल राठी कश्मीर के संदर्भ में आज डॉ श्यामाप्रसाद मुखर्जी को बार बार याद किया जा रहा है। क्योंकि धारा 370 खत्म करने की मांग के लिए किये गए आंदोलन के दौरान कश्मीर में उनकी मृत्यु हो गई थी। श्यामा…

कश्मीर में विनोबा

अव्यक्त 22 मई, 1959 को विनोबा के पैर कश्मीर की धरती को अपने पदचापों से तरंगित कर रहे थे। कश्मीर में विनोबा की पदयात्रा लगातार चार महीनों तक चली थी। कश्मीर में प्रवेश करने से पहले उन्होंने कहा था- “मैं…

विलय के बाद भी कश्मीर भारत का क्यों न हो सका?

राहुल कोटियाल ‘मैं सोने जा रहा हूं. कल सुबह अगर तुम्हें श्रीनगर में भारतीय सैनिक विमानों की आवाज़ सुनाई न दे, तो मुझे नींद में ही गोली मार देना.’ यह बात आज से ठीक 70 साल पहले, 26 अक्टूबर 1947…

महान बॉक्सर मुहम्मद अली की ईसाई धर्म को छोड़कर मुस्लिम बनने की कहानी

नवमीत कैशियस क्ले अमेरिका का एक ब्लैक यानी काला लड़का था। अश्वेत शब्द मुझे सही नहीं लगता, क्योंकि इस शब्द की पहचान इस बात से है कि जो श्वेत नहीं वह अश्वेत। काला शब्द सही है। वो जिसकी त्वचा का…